कोलकाता/खड़गपुर: पश्चिम बंगाल के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर में एक प्रोफेसर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे कैंपस में शोक और चिंता का माहौल है। उनका शव संस्थान के स्टाफ क्वार्टर से बरामद किया गया। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच आगे बढ़ा रही है, हालांकि अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के बाद ही सामने आएगा।
स्टाफ क्वार्टर में मृत मिले प्रोफेसर
जानकारी के मुताबिक, जब प्रोफेसर लंबे समय तक अपने आवास से बाहर नहीं निकले और सहकर्मियों द्वारा किए गए कई फोन कॉल का भी जवाब नहीं मिला, तब उन्हें लेकर चिंता बढ़ गई। इसके बाद संस्थान के सुरक्षा कर्मियों और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस जब स्टाफ क्वार्टर पहुंची और अंदर प्रवेश किया, तो प्रोफेसर मृत अवस्था में मिले। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए खड़गपुर के अस्पताल भेज दिया गया।
हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस
जांच अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती परिस्थितियां आत्महत्या की ओर संकेत करती हैं, लेकिन मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने कमरे का निरीक्षण कर संभावित साक्ष्य जुटाए हैं और यह भी पता लगाया जा रहा है कि कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं। इसके साथ ही मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है ताकि घटना के पीछे की वजह स्पष्ट हो सके।
घटना से कैंपस में शोक का माहौल
प्रोफेसर की अचानक हुई मौत की खबर फैलते ही आईआईटी खड़गपुर परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। छात्र, शिक्षक और संस्थान के कर्मचारी इस घटना से स्तब्ध हैं। पुलिस प्रोफेसर के परिजनों, सहकर्मियों और करीबी लोगों से बातचीत कर यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या वह हाल के दिनों में किसी व्यक्तिगत, मानसिक या पेशेवर तनाव का सामना कर रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो पाएंगी।