कोलकाता: त्योहारों के दौरान काम का दबाव बढ़ने पर कर्मचारियों से अतिरिक्त ड्यूटी तो कराई जाती है, लेकिन जब मेहनत का भुगतान नहीं मिलता तो नाराजगी बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसा ही एक मामला कोलकाता नगर निगम में सामने आया है। पूजा के दौरान अतिरिक्त काम करने के बावजूद तय पारिश्रमिक नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य विभाग के संविदा आधारित अस्थायी कर्मचारियों ने नगर निगम परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए जल्द से जल्द बकाया भुगतान करने की मांग उठाई है।
पूजा के दौरान कर्मचारियों से कराया गया था अतिरिक्त काम
प्रदर्शन कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों का आरोप है कि पूजा के दौरान नगर निगम प्रशासन की ओर से उन्हें नियमित ड्यूटी के अलावा अतिरिक्त काम करने के लिए कहा गया था। कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया था कि अतिरिक्त काम के बदले उन्हें निर्धारित पारिश्रमिक दिया जाएगा। प्रशासन के इस भरोसे पर कर्मचारियों ने त्योहार के दौरान भी अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने अतिरिक्त समय देकर विभाग से जुड़े काम पूरे किए। कर्मचारियों का कहना है कि पूजा के दौरान काम का दबाव अधिक होने के बावजूद उन्होंने अपनी ड्यूटी में कोई कमी नहीं आने दी। उन्हें उम्मीद थी कि काम पूरा होने के बाद वादे के मुताबिक भुगतान कर दिया जाएगा। हालांकि, उनका आरोप है कि अब तक उन्हें अतिरिक्त काम का पैसा नहीं मिला है।
आश्वासन के बाद भी नहीं मिला मेहनत का पैसा
स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि अतिरिक्त काम कराने से पहले भुगतान का भरोसा दिया गया था, लेकिन काम पूरा होने के बाद भी प्रशासन की ओर से बकाया राशि जारी नहीं की गई। कर्मचारियों के मुताबिक, उन्होंने प्रशासन के आश्वासन पर भरोसा करके अतिरिक्त जिम्मेदारियां स्वीकार की थीं। इसके बावजूद लंबे समय से भुगतान का इंतजार करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि जब अतिरिक्त काम कराने की बात आई तो प्रशासन ने तत्परता दिखाई, लेकिन अब पारिश्रमिक देने के मामले में देरी हो रही है। इस स्थिति से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनके काम का उचित भुगतान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
बकाया पारिश्रमिक जल्द देने की मांग
अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शनकारी स्वास्थ्यकर्मियों ने कोलकाता नगर निगम में आवाज बुलंद की। उनका कहना है कि पूजा के दौरान किए गए अतिरिक्त काम का भुगतान जल्द से जल्द किया जाना चाहिए। कर्मचारियों ने प्रशासन से अपने वादे को पूरा करने की मांग की है। उनका तर्क है कि अतिरिक्त ड्यूटी के बदले मिलने वाला पारिश्रमिक उनका अधिकार है और इसके लिए उन्हें बार-बार मांग उठाने की नौबत नहीं आनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने प्रशासन के भरोसे पर अतिरिक्त काम किया था, इसलिए अब भुगतान में और देरी नहीं होनी चाहिए। फिलहाल कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि उनकी बकाया राशि का जल्द निपटारा किया जाए।
प्रशासन के रुख पर टिकी कर्मचारियों की नजर
इस पूरे मामले में अब कर्मचारियों की नजर कोलकाता नगर निगम प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है। प्रदर्शनकारियों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान दिया जाएगा और पूजा के दौरान किए गए अतिरिक्त काम का पारिश्रमिक जारी किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि त्योहार के समय अतिरिक्त जिम्मेदारी निभाने के बाद अपने मेहनताने के लिए प्रदर्शन करना पड़ना निराशाजनक है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में नगर निगम प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन कर्मचारियों की शिकायतों पर कब तक कार्रवाई करता है और बकाया भुगतान को लेकर क्या कदम उठाता है।