कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 15 सितंबर से दो दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे पर रहेंगे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह बंगाल में उनका एक अहम संगठनात्मक दौरा माना जा रहा है। उनके साथ भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी. एल. संतोष भी बंगाल पहुंचेंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, दौरे के दौरान राज्य में सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय, संगठन की जमीनी स्थिति, आगामी उपचुनावों और आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों पर चर्चा हो सकती है। नई राष्ट्रीय टीम के गठन के बाद नितिन नबीन राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा पर भी जोर दे रहे हैं। नई टीम में बी. एल. संतोष को राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) की जिम्मेदारी पर बरकरार रखा गया है।
दो दिनों तक संगठनात्मक बैठकों का दौर
15 और 16 सितंबर के प्रस्तावित दौरे के दौरान नितिन नबीन और बी. एल. संतोष के राज्य भाजपा नेतृत्व के साथ कई बैठकों में शामिल होने की संभावना है। इन बैठकों में प्रदेश संगठन की स्थिति, बूथ स्तर पर पार्टी की सक्रियता और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। राज्य भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य समेत प्रदेश नेतृत्व और पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल को आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उपचुनावों की रणनीति पर भी नजर
नितिन नबीन के दौरे के दौरान आगामी विधानसभा उपचुनावों को लेकर पार्टी की तैयारियों की समीक्षा भी अहम एजेंडा हो सकती है। रेजीनगर और नंदीग्राम जैसी सीटों को लेकर स्थानीय संगठन की स्थिति, संभावित रणनीति और चुनावी तैयारियों पर फीडबैक लिए जाने की संभावना है। राष्ट्रीय नेतृत्व बूथ स्तर तक संगठन की सक्रियता और चुनावी अभियान को लेकर स्थानीय नेताओं से जानकारी ले सकता है। हालांकि, उपचुनावों को लेकर अंतिम रणनीति पार्टी की बैठकों में तय होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
सरकार की योजनाओं को संगठन के जरिए जनता तक पहुंचाने पर जोर
दौरे का एक प्रमुख उद्देश्य सरकार और संगठन के बीच समन्वय को मजबूत करना भी माना जा रहा है। भाजपा नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक पहलों की जानकारी संगठन के माध्यम से जमीनी स्तर तक पहुंचे। इसके साथ ही पार्टी के प्रस्तावित 'सेवा संकल्प अभियान' और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के आसपास होने वाले सेवा कार्यक्रमों को बूथ स्तर तक पहुंचाने की तैयारियों पर भी चर्चा हो सकती है।
Gen-Z और सोशल मीडिया पर भी फोकस
बंगाल भाजपा की संगठनात्मक रणनीति में युवा मतदाताओं और पहली बार वोट देने वाले युवाओं को जोड़ना भी महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है। सोशल मीडिया, डिजिटल कैंपेन और AI आधारित प्रशिक्षण के जरिए युवाओं तक पार्टी का संदेश पहुंचाने पर राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से दिशा-निर्देश दिए जाने की संभावना है। नितिन नबीन खुद युवा मोर्चा के संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। ऐसे में युवा कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ने और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल पर उनके अनुभव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संगठन के भीतर समन्वय और असंतोष पर भी चर्चा संभव
आगामी नगरपालिका और अन्य स्थानीय चुनावों से पहले भाजपा संगठन को मजबूत करने की चुनौती भी पार्टी नेतृत्व के सामने है। जिलों में संगठनात्मक गतिविधियों, नेताओं के बीच समन्वय और कार्यकर्ताओं की शिकायतों जैसे मुद्दों पर भी बैठक में चर्चा हो सकती है। पार्टी का लक्ष्य सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल के साथ बूथ स्तर तक अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करना है। नितिन नबीन और बी. एल. संतोष का दो दिवसीय दौरा इसी व्यापक संगठनात्मक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।