कोलकाता : बीरभूम जिले के इलामबाजार में करीब चार बीघा जमीन पर अवैध कब्जे और कोलकाता के ढाकुरिया में पैतृक मकान को बेदखल कर तोड़े जाने की शिकायत लेकर अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बाऊल गायक पद्म श्री पूर्णदास बाउल मुख्यमंत्री के जनता दरबार पहुंचे। 93 वर्ष की उम्र और अस्वस्थता के कारण पूर्णदास बाउल खुद बोलने में असमर्थ थे, जिसके चलते उनके बेटे दिव्येंदु दास और बहू अदिति दास ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी दो प्रमुख शिकायतें रखीं। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार की बात को ध्यानपूर्वक सुना और दो से तीन महीने के भीतर जमीन विवाद का समाधान करने तथा सरकार की ओर से एक आश्रम बनाकर देने का आश्वासन दिया है।
इलामबाजार में जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप
पूर्णदास बाउल के परिवार का मुख्य आरोप है कि बीरभूम के इलामबाजार स्थित कमरपारा क्षेत्र में उनकी लगभग चार बीघा निजी एवं पैतृक जमीन पर सुकुल टूडू नामक व्यक्ति ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। आरोप के अनुसार, वहां बहुमंजिला इमारतों समेत कई अनधिकृत निर्माण खड़े कर दिए गए हैं। परिवार ने बताया कि इस जमीन पर आश्रम (अखाड़ा) बनाने के लिए विश्वकवि रवींद्रनाथ ठाकुर ने उनके दादा को जगह दी थी, लेकिन 2008 से लेकर कोरोना काल के बाद तक उनकी कृषि योग्य भूमि पर अवैध कब्जे का दायरा बढ़ता गया।
प्रभावशाली नेताओं पर अनदेखी का आरोप
परिवार ने आरोप लगाया कि बीरभूम में जमीन पर कब्जे की शिकायत को लेकर वे कई बार प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों और प्रभावशाली राजनीतिक हस्तियों के पास पहुंचे, लेकिन कोई हल नहीं निकला। बेटे दिव्येंदु दास ने अनुब्रत मंडल, चंद्रनाथ सिन्हा और लालन शेख जैसे नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि अनुब्रत मंडल को मामले की पूरी जानकारी दिए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
कोलकाता के ढाकुरिया में पैतृक मकान तोड़ने की शिकायत
परिवार की दूसरी बड़ी शिकायत कोलकाता के ढाकुरिया स्थित उनके पैतृक मकान से जुड़ी है। दिव्येंदु दास ने बताया कि बीरभूम में जमीन पर कब्जा होने के बाद परिवार कोलकाता में रहने लगा था। आरोप है कि ढाकुरिया स्थित उनके रहने के स्थान यानी पैतृक घर को भी अमानवीय और गैर-कानूनी तरीके से पूरी तरह तोड़कर उन्हें बेदखल कर दिया गया। परिवार का कहना है कि वे किसी विवाद में नहीं उलझना चाहते, बल्कि अपनी कब्जाई गई जमीन और संपत्ति वापस पाना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री से मिला आश्रम और त्वरित समाधान का भरोसा
बुधवार को मुख्यमंत्री के जनता दरबार में हुई मुलाकात के बाद बाउल कलाकार का परिवार आश्वस्त नजर आया। दिव्येंदु दास के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया और आश्वासन दिया कि राज्य सरकार स्वयं पहल करके उनके लिए एक नया आश्रम बनवाकर देगी। इसके साथ ही अगले दो से तीन महीनों के भीतर इस पूरे मामले का उचित और स्थायी प्रशासनिक समाधान निकालने का वादा किया गया है।