पश्चिम बंगाल: की दो हाई-प्रोफाइल विधानसभा सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव को लेकर राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार 9 सितंबर (बुधवार) से नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही बहरामपुर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के उम्मीदवार और पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद ने अपना पर्चा दाखिल कर दिया। रेजीनगर सीट पर आगामी 6 अक्टूबर को मतदान होना है और नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। नामांकन के पहले ही दिन पर्चा भरने के बाद गुलाम नबी आजाद ने दावा किया कि चुनावी मैदान में उनकी सीधी लड़ाई भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से ही है।
जीत के प्रति 100% आश्वस्त हैं गुलाम नबी आजाद
नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए गुलाम नबी आजाद ने कहा कि वे अपनी जीत को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं। उन्होंने कहा, "2026 के विधानसभा चुनाव में मेरे पिता हुमायूं कबीर ने रेजीनगर सीट से जीत हासिल की थी। हम लंबे समय से इस क्षेत्र के लोगों के साथ रहे हैं और आगे भी रहेंगे। जनता का समर्थन हमारे साथ है।" उन्होंने प्रचार रणनीति स्पष्ट करते हुए बताया कि चुनाव प्रचार में किसी बाहरी सेलिब्रिटी को शामिल नहीं किया जाएगा; केवल पार्टी के बूथ स्तर के कार्यकर्ता, क्षेत्रीय नेता और उनके पिता हुमायूं कबीर ही प्रचार की कमान संभालेंगे।
'बीजेपी ही मुख्य प्रतिद्वंद्वी, कोई अन्य दल मुकाबले में नहीं'
चुनावी मुकाबले के सवाल पर गुलाम नबी आजाद ने स्पष्ट किया कि मैदान में उनका मुख्य विरोधी केवल बीजेपी है। उन्होंने कहा, "इससे पहले भी हमारे सामने बीजेपी ही मुख्य चुनौती थी और इस बार भी वही रहेगी। मुझे नहीं लगता कि राज्य का कोई अन्य राजनीतिक दल मैदान में टिका हुआ है।" उनके इस बयान से स्पष्ट है कि वे क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस या अन्य विपक्षी दलों की उपस्थिति को खास तवज्जो नहीं दे रहे हैं।
हुमायूं कबीर की विपक्षी एकजुटता की अपील पर उठे सवाल
गुलाम नबी आजाद के नामांकन से ठीक एक दिन पहले मंगलवार को उनके पिता और पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर ने एक संवाददाता सम्मेलन कर राज्य के सभी विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील की थी। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा था कि राज्य की 294 सीटों में से 86 सीटों पर विपक्ष (तृणमूल, कांग्रेस, सीपीआईएम, आईएसएफ और एजेयूपी) का कब्जा है। यदि ये 86 विधायक अपने मतभेदों और व्यक्तिगत अहम (इगो) को किनारे रखकर एकजुट होकर लड़ें, तो बीजेपी को आसानी से रोका जा सकता है। हुमायूं कबीर की इस अचानक आई अपील के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या वे अपने गढ़ रेजीनगर में हार की आशंका से घबराकर विपक्षी एकता की बात कर रहे हैं।
6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को आएंगे नतीजे
उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे और 9 अक्टूबर को मतगणना के बाद परिणाम घोषित होंगे। 9 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही दोनों क्षेत्रों में राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच चुकी हैं।