कोलकाता: पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने ‘विभाजन विभीषिका’ कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम् और नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर वंदे मातरम् को खंडित नहीं किया गया होता तो देश का विभाजन भी नहीं होता। समिक ने दावा किया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस वंदे मातरम् को खंडित किए जाने के पक्ष में नहीं थे।
‘इतिहास नहीं जानते तो इतिहास पढ़िए’
समिक भट्टाचार्य ने कहा कि नेताजी किसी एक विचारधारा के नहीं, बल्कि सभी के नेता थे। उन्होंने कहा, “मैंने जो कहा है, उससे मैं पीछे नहीं हटूंगा। इतिहास नहीं जानते हैं तो इतिहास पढ़िए।” उन्होंने नेताजी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी करने वालों पर भी निशाना साधा।
देशविभाजन और बांग्लादेश का मुद्दा
उन्होंने देशविभाजन को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर सवाल उठाए। साथ ही बांग्लादेश में हिंदुओं और महिलाओं के खिलाफ कथित अत्याचारों का भी जिक्र किया और कहा कि इतिहास को राजनीतिक सुविधा के हिसाब से नहीं देखा जाना चाहिए।
TMC-CPI(M) पर भी हमला
समिक ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में ममता सरकार का विरोध करने वाले दल अब एक साथ दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने TMC और CPI(M) पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी इनके सहारे के बिना ही कोलकाता और हावड़ा नगर निगम चुनाव जीत सकती है।
बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या का दावा
समिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि 2015 से अब तक 333 बीजेपी कार्यकर्ताओं की मौत हुई है और 250 से ज्यादा महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार हुआ है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार के दौरान ऐसी घटनाओं को लेकर पुलिस को निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई करनी होगी। ये आंकड़े उनके द्वारा किए गए राजनीतिक दावे हैं।
‘यह सुवेंदु अधिकारी की सरकार है’
कानून-व्यवस्था को लेकर समिक ने कहा कि जहां भी अशांति या गड़बड़ी हो, पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी आम नागरिक को परेशानी होने पर शिकायत दर्ज की जाए और कार्रवाई हो। समिक ने कहा कि यह सरकार राजधर्म का पालन करेगी।
‘बंगाल में रहना है तो वंदे मातरम् स्वीकार करना होगा’
समिक भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिम बंगाल की धरती पर रहने वालों को वंदे मातरम् स्वीकार करना होगा। उन्होंने ‘कश्मीर मांगे आजादी’ और ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ जैसे नारों का विरोध करते हुए कहा कि ऐसे नारों को जनता स्वीकार नहीं करेगी।
धर्मतला और फुटपाथ अतिक्रमण का मुद्दा
कोलकाता की नागरिक व्यवस्था पर भी उन्होंने सवाल उठाए। समिक ने धर्मतला की सफाई और फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने की मांग करते हुए कहा कि कोलकाता के चेहरे को साफ करने की जरूरत है। उन्होंने इसे बीजेपी की पार्टी का आधिकारिक रुख बताया।