कोलकाता: पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया को लेकर चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में उत्तर कोलकाता की जिला निर्वाचन अधिकारी स्मिता पांडे की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी मतदाता सूची पुनरीक्षण और मतदान केंद्रों में संभावित बदलावों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक में भाजपा, कांग्रेस और वाम दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जबकि तृणमूल कांग्रेस के ममता गुट और ऋतब्रत गुट का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं रहा। बैठक के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने विभिन्न चुनावी तैयारियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी।
39 नए और स्थानांतरित मतदान केंद्रों का प्रस्ताव
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण चर्चा मतदान केंद्रों के पुनर्गठन को लेकर हुई। स्मिता पांडे ने बताया कि चुनाव आयोग की ओर से उत्तर कोलकाता में 39 नए मतदान केंद्र बनाने और कुछ मौजूदा मतदान केंद्रों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सौंप दिया गया है, ताकि वे इसका अध्ययन कर सकें और जरूरत पड़ने पर अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदान केंद्रों से संबंधित प्रस्ताव पर किसी भी राजनीतिक दल को यदि कोई समस्या या आपत्ति है, तो वे 10 नवंबर तक अपनी बात निर्वाचन अधिकारियों के सामने रख सकते हैं। सभी आपत्तियों और सुझावों पर विचार करने के बाद मतदान केंद्रों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, 13 नवंबर तक मतदान केंद्रों को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा गया है।
उत्तर कोलकाता में फिलहाल 1,835 मतदान केंद्र
स्मिता पांडे ने बताया कि वर्तमान में उत्तर कोलकाता में कुल 1,835 मतदान केंद्र हैं। हालांकि, नए मतदान केंद्र बनाने और मौजूदा केंद्रों के स्थान में बदलाव के प्रस्ताव को देखते हुए इनकी संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य मतदान केंद्रों की व्यवस्था को बेहतर बनाना और चुनावी प्रक्रिया को सुचारु तरीके से संचालित करना है। मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों को भी अपनी राय रखने का अवसर दिया गया है। निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी दलों के साथ प्रस्ताव साझा किए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की समस्या को समय रहते सामने लाया जा सके।
23 नवंबर को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची
SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची के प्रकाशन को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। स्मिता पांडे ने बताया कि 23 नवंबर को प्रारूप मतदाता सूची यानी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद मतदाता सूची में नाम, पते या अन्य जानकारियों से संबंधित किसी भी तरह की गड़बड़ी को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 28 नवंबर से 20 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। इस अवधि में मतदाता सूची में किसी तरह की त्रुटि होने पर संबंधित व्यक्ति या राजनीतिक दल अपनी शिकायत और आपत्ति निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे। इसके बाद प्राप्त दावों और आपत्तियों की जांच की जाएगी और आवश्यक सुधार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
16 जनवरी 2027 को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि SIR की पूरी प्रक्रिया के बाद 16 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इस तारीख को लेकर चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन से लेकर दावे-आपत्तियों के निपटारे तक की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी करने की योजना है। अंतिम मतदाता सूची में योग्य मतदाताओं के नाम और अन्य आवश्यक विवरण शामिल होंगे। ऐसे में आने वाले दिनों में मतदाता सूची की जांच और उसमें सुधार की प्रक्रिया पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्वाचन अधिकारियों की भी नजर रहेगी।
बहुमंजिला इमारतों में भी मतदान केंद्र बनाने की तैयारी
बैठक में बहुमंजिला इमारतों यानी हाईराइज बिल्डिंग में मतदान केंद्र बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। स्मिता पांडे ने बताया कि तीन नई बहुमंजिला इमारतों में मतदान केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव सामने आए हैं। ये प्रस्ताव काशीपुर-बेलगछिया और मानिकतला विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित हैं। इस मुद्दे पर भी सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की गई और प्रस्ताव साझा किए गए। बहुमंजिला इमारतों में मतदान केंद्र बनाए जाने से संबंधित प्रस्तावों को लेकर सभी पक्षों की राय ली जा रही है। निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, इन प्रस्तावों पर चर्चा के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सर्वदलीय बैठक में कई चुनावी मुद्दों पर हुई चर्चा
उत्तर कोलकाता में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची और मतदान केंद्रों से जुड़ी तैयारियों को लेकर राजनीतिक दलों को जानकारी देना था। बैठक में भाजपा, कांग्रेस और वाम दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जबकि तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों के प्रतिनिधि अनुपस्थित रहे। फिलहाल निर्वाचन विभाग की ओर से मतदान केंद्रों के पुनर्गठन से लेकर प्रारूप और अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन तक की समयसीमा सामने रखी गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में 10 नवंबर तक आपत्तियां दर्ज कराने, 13 नवंबर तक मतदान केंद्रों को अंतिम रूप देने और 23 नवंबर को प्रारूप मतदाता सूची जारी होने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण रहने वाली है।