कोलकाता: केंद्रीय शिक्षा एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (DoNER) राज्य मंत्री और भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने सोमवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पश्चिम बंगाल से जुड़े कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने जाधवपुर विश्वविद्यालय में ग्राफिटी विवाद, आगामी निकाय चुनावों में टिकट वितरण, दुर्गापुर में जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा तोड़े जाने और भारत-रूस संबंधों जैसे विषयों पर पार्टी का रुख सामने रखा।
जाधवपुर ग्राफिटी विवाद पर सुकांत मजूमदार का बयान
जाधवपुर विश्वविद्यालय परिसर में दीवारों पर सफेदी किए जाने के बाद छात्रों द्वारा दोबारा ग्राफिटी और नारे लिखे जाने के मुद्दे पर सुकांत मजूमदार ने कहा कि विश्वविद्यालय में राजनीतिक नारे या ग्राफिटी लिखने के लिए एक निर्धारित स्थान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर छात्र विश्वविद्यालय को अपना घर मानते हैं, तो उन्हें यह भी सोचना चाहिए कि क्या वे अपने घर की दीवारों पर इसी तरह राजनीतिक नारे लिखेंगे। केंद्रीय मंत्री ने विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों और शिक्षकों पर गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि परिसर में कुछ लोगों का माओवादी और कथित देशविरोधी विचारधारा से जुड़ा गठजोड़ है। हालांकि, ये उनके राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
निकाय चुनाव में जीतने की क्षमता पर मिलेगा टिकट
आगामी नगर निगम और नगरपालिका चुनावों को लेकर भाजपा की रणनीति पर भी सुकांत मजूमदार ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों को टिकट देने में सबसे अहम कसौटी उनकी 'विनेबिलिटी' यानी चुनाव जीतने की क्षमता होगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा राज्य में 200 से अधिक सीटों समेत सभी संबंधित निकाय क्षेत्रों में मजबूती के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। गठबंधन या चुनावी तालमेल को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी का आधिकारिक नेतृत्व उचित समय पर अंतिम निर्णय और घोषणा करेगा।
दुर्गापुर में नेहरू की प्रतिमा तोड़े जाने की निंदा
दुर्गापुर में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा को कथित तौर पर क्षतिग्रस्त कर जंगल क्षेत्र में फेंके जाने की घटना पर सुकांत मजूमदार ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किसी महापुरुष की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाना भारतीय संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान और गिरफ्तारी की मांग की। मजूमदार ने यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक संपत्ति और राष्ट्रीय नेताओं के सम्मान से जुड़े मामलों में कानून को अपना काम करना चाहिए।
भारत-रूस संबंधों को बताया ऐतिहासिक
भारत और रूस के बीच रणनीतिक एवं सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने रूस को भारत का पुराना और भरोसेमंद मित्र बताया। उन्होंने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और भाषाई संपर्क की चर्चा करते हुए रूसी और संस्कृत भाषाओं में मौजूद कुछ समानताओं का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, भारत और रूस के संबंध केवल कूटनीतिक स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक संपर्क भी महत्वपूर्ण हैं।
कई मुद्दों पर भाजपा का रुख सामने रखा
कोलकाता की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुकांत मजूमदार के बयानों से साफ रहा कि भाजपा आगामी राजनीतिक और स्थानीय निकाय चुनावों से पहले राज्य के विश्वविद्यालयों, प्रशासनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। जाधवपुर की ग्राफिटी से लेकर दुर्गापुर की प्रतिमा विवाद तक, उन्होंने अलग-अलग मुद्दों पर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए।