कोलकाता: पश्चिम बंगाल में अपर प्राइमरी शिक्षक भर्ती को लेकर एक बार फिर अभ्यर्थियों ने अपनी आवाज बुलंद की है। वर्ष 2011 और 2015 में अपर प्राइमरी टीईटी उत्तीर्ण करने वाले और प्रशिक्षित अभ्यर्थियों ने लंबे समय से लंबित नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर आज विकास भवन अभियान का आह्वान किया है। 2015 अपर प्राइमरी टीईटी पास एवं सर्टिफिकेट मंच की ओर से आयोजित इस अभियान में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की बात कही गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछले 10 से 12 वर्षों से वे नियुक्ति की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन अब तक उन्हें रोजगार का अवसर नहीं मिला है। ऐसे में वे अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।
10 से 12 वर्षों से नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थी
अभ्यर्थियों के मुताबिक, वर्ष 2011 और 2015 में अपर प्राइमरी टीईटी उत्तीर्ण करने के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले उम्मीदवार लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस दौरान उन्होंने कई बार अपनी मांगें उठाईं और अलग-अलग स्तर पर अपनी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की। इसके बावजूद उनकी नियुक्ति को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि इतने लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें नौकरी का अवसर नहीं मिल पाया है। उनका कहना है कि टीईटी उत्तीर्ण करने और निर्धारित प्रशिक्षण प्राप्त करने के बावजूद वे नियुक्ति से वंचित हैं। इस वजह से उनके भविष्य को लेकर लगातार अनिश्चितता बनी हुई है।
अभ्यर्थियों ने पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार के कार्यकाल को लेकर भी नाराजगी जाहिर की है। उनका आरोप है कि पिछले शासनकाल में उनकी समस्याओं और नियुक्ति से जुड़ी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने लंबे समय तक नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद में इंतजार किया, लेकिन उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उनके मुताबिक, बार-बार अपनी आवाज उठाने के बावजूद उन्हें निराशा ही हाथ लगी। अब तक नियुक्ति नहीं होने के कारण कई अभ्यर्थियों के सामने आर्थिक और पारिवारिक परेशानियां भी खड़ी हो गई हैं। उनका कहना है कि इतने वर्षों तक इंतजार करने के बाद अब उन्हें जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए।
नई सरकार से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की उम्मीद
राज्य में नई सरकार के गठन के बाद अपर प्राइमरी टीईटी अभ्यर्थियों को एक नई उम्मीद जगी है। उनका मानना है कि नई सरकार उनकी वर्षों पुरानी समस्या पर ध्यान देगी और नियुक्ति को लेकर उचित कदम उठाएगी। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि सरकार उनके शैक्षणिक योग्यता और प्रशिक्षण को ध्यान में रखते हुए लंबित भर्ती प्रक्रिया को जल्द शुरू करेगी। उनका कहना है कि नई सरकार के सामने वे अपनी समस्याओं को स्पष्ट रूप से रखना चाहते हैं। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि 2011 और 2015 में टीईटी उत्तीर्ण तथा प्रशिक्षित उम्मीदवारों के लिए नियुक्ति का रास्ता साफ किया जाए। वे चाहते हैं कि सरकार इस मामले में जल्द निर्णय लेकर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाए।
विकास भवन पहुंचकर शिक्षा मंत्री को सौंपेंगे ज्ञापन
अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए अभ्यर्थियों ने आज विकास भवन अभियान का आह्वान किया है। इस दौरान वे विकास भवन पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपेंगे। इसके साथ ही शिक्षा मंत्री के सामने भी अपनी समस्याएं और मांगें रखने की योजना है। अभ्यर्थियों का उद्देश्य सरकार को यह बताना है कि वे पिछले एक दशक से अधिक समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि शिक्षा विभाग इस मामले में गंभीरता दिखाए और जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाए। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि अभ्यर्थियों के इस अभियान के बाद सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
नियुक्ति को लेकर सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
अपर प्राइमरी टीईटी अभ्यर्थियों का यह अभियान लंबे समय से लंबित नियुक्ति की मांग को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्षों से नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे उम्मीदवार अब नई सरकार से ठोस पहल की उम्मीद कर रहे हैं। उनके मुताबिक, टीईटी उत्तीर्ण करने और प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भी नियुक्ति नहीं मिलना उनके लिए बड़ी निराशा का कारण है। ऐसे में वे चाहते हैं कि सरकार उनकी मांगों पर जल्द विचार करे। विकास भवन में ज्ञापन सौंपने और शिक्षा मंत्री के सामने मुद्दा उठाने के बाद अभ्यर्थियों को सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है। फिलहाल, इस पूरे मामले में सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है।