रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने दो दिवसीय दिल्ली दौरे के बाद राजधानी रायपुर लौटे। जन्माष्टमी के अवसर पर रायपुर एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया। लोगों ने बाजे-गाजे और गुलदस्ते के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने जल शक्ति मंत्रालय की बैठक में हिस्सा लिया और केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की। रायपुर लौटने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में दिल्ली दौरे और प्रदेश से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ के प्रदर्शन की सराहना
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जल शक्ति मंत्रालय की बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है।उन्होंने बताया कि जल संरक्षण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के 5 जिले देश के टॉप-10 जिलों में शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश की हर बूंद को सहेजकर आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी सुरक्षित करना सरकार का लक्ष्य है।
हर राज्य में 'कैच द रेन प्लान' बनाने का सुझाव
CM साय ने बताया कि बैठक में जल संरक्षण को लेकर कई सुझाव भी दिए गए। उन्होंने कहा कि हर राज्य को अपनी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार ‘कैच द रेन प्लान’ तैयार करना चाहिए।मुख्यमंत्री ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘स्टेट वाटर अवार्ड्स’ शुरू करने का सुझाव भी दिया। उनके मुताबिक तकनीक, नियमित मॉनिटरिंग और जनभागीदारी के जरिए जल संरक्षण के प्रयासों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
अलग बस्तर राज्य की मांग पर CM साय ने क्या कहा?
छत्तीसगढ़ से अलग बस्तर राज्य बनाने की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार में नक्सलवाद के खात्मे का असंभव काम संभव हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सली बस्तर में सड़क, स्कूल और विकास कार्यों को आगे नहीं बढ़ने देना चाहते थे। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इच्छाशक्ति और सुरक्षा जवानों के साहस का जिक्र किया।
CM साय ने कहा कि बस्तर को अलग राज्य बनाने की मांग करने वाले विकास विरोधी बातें कर रहे हैं।