रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और सुविधाजनक बनाने के लिए ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ की शुरुआत की गई है। फिलहाल रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग शहर में इसका संचालन शुरू हो चुका है। सरकार की योजना आगामी दो वर्षों में प्रदेश के सभी जिलों तक इस सुविधा का विस्तार करने की है।
राशन लेने के लिए दुकान खुलने का इंतजार नहीं
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के जरिए पात्र हितग्राही सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे अपनी सुविधा के अनुसार राशन प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए हितग्राही को मशीन पर राशन कार्ड नंबर दर्ज करना होगा या बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए पहचान सत्यापित करनी होगी।इस व्यवस्था से उन लोगों को विशेष सुविधा मिलेगी, जिन्हें कामकाज या अन्य कारणों से निर्धारित समय पर उचित मूल्य की दुकान तक पहुंचने में परेशानी होती है।
रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में शुरू हुआ संचालन
प्रदेश में अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम का संचालन 8 अगस्त से रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में शुरू किया गया है। इन तीन शहरों में फिलहाल मशीनों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।सरकार इसे चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू करने की तैयारी कर रही है।
दो साल में सभी जिलों तक विस्तार की तैयारी
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अनुसार आगामी दो वर्षों में अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम को प्रदेश के सभी जिलों तक पहुंचाने की योजना है। इसका उद्देश्य राशन वितरण व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाना और हितग्राहियों को खाद्यान्न लेने में अधिक सुविधा उपलब्ध कराना है।मंत्री दयाल दास बघेल के मुताबिक फिलहाल तीन जिलों में यह व्यवस्था शुरू की गई है और आगे इसका विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
स्मार्ट-PDS योजना से जुड़ेगा राशन वितरण
सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को तकनीक से जोड़ने के लिए स्मार्ट-PDS योजना पर भी काम कर रही है। इसके तहत खाद्यान्न की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल सिस्टम को मजबूत किया जाएगा।
विभाग की कार्ययोजना के अनुसार नेटवर्कविहीन क्षेत्रों में संचालित 704 उचित मूल्य दुकानों को ऑनलाइन करने की भी योजना है। इसके साथ ही खाद्यान्न भंडारण क्षमता बढ़ाने पर भी काम किया जाएगा।
704 राशन दुकानों में नेटवर्क की समस्या
प्रदेश के दूरस्थ, ग्रामीण और नेटवर्कविहीन ग्राम पंचायतों में संचालित 704 उचित मूल्य दुकानों में कनेक्टिविटी की समस्या के कारण अभी ऑफलाइन तरीके से खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 14,182 शासकीय उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं। ऐसे में सरकार का फोकस राशन वितरण की पूरी व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने पर है।
देश के चार राज्यों में पहले से चल रहा ग्रेन एटीएम
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम देश के उत्तराखंड, ओडिशा, गुजरात और मेघालय में पहले से संचालित है। अब छत्तीसगढ़ में भी इस तकनीक को राशन वितरण व्यवस्था का हिस्सा बनाया जा रहा है।
सरकार का फोकस पारदर्शी और आसान राशन वितरण पर
ग्रेन एटीएम व्यवस्था से राशन वितरण में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए हितग्राही की पहचान सुनिश्चित करने के साथ राशन लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश की जा रही है।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि पात्र हितग्राहियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ लेने के लिए कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े और राशन वितरण व्यवस्था अधिक सुविधाजनक एवं तकनीक आधारित बने।