मध्यप्रदेश विधानसभा में सोमवार का दिन लाड़ली बहनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाकर तीन हजार रुपये प्रतिमाह करना भाजपा के संकल्प पत्र का हिस्सा है और यह वादा हर हाल में 2028 तक पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी बहन को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, सरकार अपने वचन पर अडिग है और तीन हजार रुपये देकर ही रहेगी। इस घोषणा ने राज्य की करोड़ों महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में नए भरोसे का संचार किया है।
लगातार बढ़ रही सहायता राशि और योजनाओं का व्यापक प्रभाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि लाड़ली बहना योजना की शुरुआत एक हजार रुपये प्रतिमाह से की गई थी, जिसे समय के साथ बढ़ाकर 1,500 रुपये किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 18,528 करोड़ रुपये लाड़ली बहनों को वितरित किए जा चुके हैं। योजना का लाभ शिक्षा, पोषण और घरेलू उपयोगों में सकारात्मक रूप से देखा गया है। सरकार इसे महिलाओं की जीवन गुणवत्ता सुधारने का मजबूत साधन मानती है और आगे भी इसकी राशि निर्धारित अवधि में बढ़ाई जाएगी।
पंजीयन और उम्र सीमा पर उठा विवाद, विपक्ष का बहिर्गमन
विधानसभा में पंजीयन और आयु सीमा को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नए पंजीयन प्रारंभ करने की तारीख पूछी। इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि अब तक 1,31,06,525 महिलाओं ने पंजीयन कराया है, जिनमें से 1,25,29,051 पंजीयन वर्तमान में सक्रिय हैं। नए पंजीयन का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। योजना में 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं तथा मृत्यु के मामलों में पात्रता स्वतः समाप्त हो जाती है। 60 वर्ष के बाद उन्हें दूसरी योजना में आवेदन करने का विकल्प मिलता है। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
मुख्यमंत्री ने दिया भरोसा, पंजीयन पर भी जल्द होगा निर्णय
सवालों के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हस्तक्षेप कर कहा कि योजना पर शुरुआत में कई तरह के संदेह थे, परन्तु आज यह योजना मजबूती से चल रही है। उन्होंने कहा कि तीन हजार रुपये प्रतिमाह देना संकल्प पत्र का वादा है और पांच साल के भीतर इसे पूरा किया जाएगा। पंजीयन पर उन्होंने दोहराया कि प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ेगी और कोई भी पात्र बहन इससे वंचित नहीं रहेगी।
महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में निर्णायक कदम
राज्य सरकार द्वारा महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को मजबूत बनाने के लिए लाड़ली बहना योजना को भविष्य में और व्यापक रूप देने का संकेत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तीन हजार रुपये प्रतिमाह का आश्वासन न केवल वित्तीय समर्थन है, बल्कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को स्थापित करने वाला मजबूत सामाजिक संकल्प भी है। आने वाले वर्षों में इस योजना के विस्तार से लाखों परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।
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