भोपाल। मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। राजस्व विभाग ने 119 राजस्व निरीक्षकों को प्रभारी नायब तहसीलदार के रूप में नियुक्त करने के आदेश जारी किए हैं। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे तत्काल प्रभाव से अपने-अपने जिलों में नई जिम्मेदारी संभालें।
जांच या आपराधिक प्रकरण वाले नहीं होंगे पात्र
जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन राजस्व निरीक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच या आपराधिक मामला लंबित है, उन्हें प्रभारी नायब तहसीलदार नहीं बनाया जाएगा। पात्रता को लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है ताकि प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित न हो।
स्थानांतरण नियमों का हवाला
विभाग ने आदेश में स्थानांतरण से जुड़े नियमों का उल्लेख करते हुए बताया है कि राजस्व न्यायालयीन कार्यों की आवश्यकता के अनुसार अधिकारियों का एक बार स्थानांतरण किया जा सकता है। यह प्रक्रिया पूर्व में लागू ट्रांसफर नीति के प्रावधानों के अनुरूप होगी।
प्रभार नहीं लेने पर हटेगा नाम
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई अधिकारी प्रभारी नायब तहसीलदार का प्रभार लेने से इंकार करता है या समय पर उपस्थित नहीं होता, तो उसका नाम सूची से हटा दिया जाएगा। राज्य शासन की समय-समय पर लागू ट्रांसफर पॉलिसी भी प्रभावी रहेगी।
प्रमोशन नहीं, कार्यवाहक जिम्मेदारी
राजस्व निरीक्षकों को प्रभारी नायब तहसीलदार बनाया जाना नियमित पदोन्नति नहीं माना जाएगा। उन्हें उच्च पद के अनुरूप भत्ते तो मिलेंगे, लेकिन यह क्रमोन्नति नहीं होगी। नियमित नियुक्ति मिलने पर कार्यवाहक अवधि को सेवा अवधि में नहीं जोड़ा जाएगा। हालांकि, कार्यवाहक नायब तहसीलदार के रूप में उन्हें तहसीलदार की शक्तियां प्राप्त रहेंगी।
जिला और संभागीय कार्यालय में पदस्थापना
इन अधिकारियों की पदस्थापना जिला और संभागीय कार्यालयों में की जाएगी। माना जा रहा है कि इस फैसले से राजस्व न्यायालयीन कार्यों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी आएगी।
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