भोपाल - मप्र की मोहन यादव सरकार आज बुधवार को अपना तीसरा बजट पेश करेगी। वित्त मंत्री जगदीश देवडा सुबह 11 बजे विधानसभा में बजट भाषण शुरू करेंगे। बजट 2026-27 का आकार राज्य पर मौजूदा करीब 4 लाख 94 हजार करोड़ रुपए के कर्ज से कम रहने का अनुमान है, जबकि कुल बजट करीब पौने पांच लाख करोड़ रुपए का हो सकता है।
लाड़ली बहनों को योजना राशि बढ़ने की उम्मीद है
इस बजट से प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर, किसानों को सम्मान निधि में बढ़ोतरी और लाड़ली बहनों को योजना राशि बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व के मद्देनजर 2026-27 वित्तीय वर्ष में बड़े विकास कार्यों के लिए विशेष प्रावधान किए जाने की संभावना जताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि 1 फरवरी को केंद्र सरकार के आम बजट में सिंहस्थ के लिए प्रदेश को अलग से कोई प्रावधान नहीं मिला था।
बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री देवड़ा घर पर पूजा-अर्चना करेंगे
बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री देवड़ा घर पर पूजा-अर्चना करेंगे और न्यू मार्केट स्थित हनुमान मंदिर में माथा टेकेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मंत्रिपरिषद के साथ अंतिम चर्चा के उपरांत वे विधानसभा पहुंचेंगे। मंगलवार को मंत्रालय में अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी सहित वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बजट को अंतिम रूप दिया गया।
मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जो बजट में अनूठा नवाचार करेगा। उनके अनुसार इस बजट में न केवल चालू वर्ष का विस्तृत प्रावधान होगा, बल्कि आगामी दो वर्षों की विकास योजनाओं की रूपरेखा भी शामिल रहेगी।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बजट को लेकर सरकार पर साधा निशाना
वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बजट को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह जमीनी हकीकत से दूर होगा और प्रदेश को कोई नई सौगात नहीं देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पुरानी योजनाओं को नए आंकड़ों के साथ पेश कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास करेगी।
मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 6 मार्च तक चलेगा
इससे पहले मंगलवार को वित्त मंत्री ने चालू वित्तीय वर्ष का तीसरा अनुपूरक बजट 19 हजार 287 करोड़ 32 लाख रुपए का पेश किया, जिस पर 23 फरवरी को चर्चा होगी। साथ ही सदन में आर्थिक सर्वेक्षण भी प्रस्तुत किया गया। मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 6 मार्च तक चलेगा, जिसमें हजारों प्रश्नों, ध्यानाकर्षण और प्रस्तावों पर चर्चा प्रस्तावित है।