मध्यप्रदेश की ग्राम पंचायतों में कार्यरत रोजगार सहायकों के लिए खुशखबरी है। जबलपुर हाईकोर्ट ने सोमवार, 23 फरवरी 2026 को आदेश जारी कर कहा कि मध्यप्रदेश में किसी भी रोजगार सहायक का ट्रांसफर और टर्मिनेशन नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने ग्राम रोजगार सहायक गाइडलाइन 2025 पर रोक लगा दी है और सरकार को 4 सप्ताह में जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया है।
कोर्ट ने अधिकारियों को दिए आदेश
इस मामले से जुड़े वकील के अनुसार, हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार की गाइडलाइन के क्रियान्वयन पर रोक लगाते हुए मनरेगा कमिश्नर, प्रिंसिपल सेक्रेटरी और सभी जिलों के कलेक्टरों को आदेश जारी किया। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी रोजगार सहायक का ट्रांसफर न किया जाए।
पिछले साल जारी की गई थी गाइडलाइन
मध्यप्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष नई गाइडलाइन जारी की थी, जिसमें ग्राम रोजगार सहायकों के ट्रांसफर और टर्मिनेशन की नीति निर्धारित की गई थी। हालांकि, यह नीति अब तक लागू नहीं की गई थी। इस बीच रोजगार सहायकों ने हाईकोर्ट में इस नीति को चुनौती दी थी।
रोजगार गारंटी योजना के लागू होने के बाद, मध्यप्रदेश में रोजगार सहायकों की भर्ती की गई थी ताकि ग्रामीण स्तर पर कार्यों की मॉनिटरिंग और मजदूरों का रिकॉर्ड रखा जा सके। शुरुआत में रोजगार सहायकों का मानदेय 9 हजार रुपये था, जिसे बाद में बढ़ाकर 18 हजार रुपये कर दिया गया।
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