भोपाल। मध्य प्रदेश में निगम–मंडल और बोर्ड अध्यक्ष/उपाध्यक्ष की नियुक्तियों को लेकर सियासी सस्पेंस तेज है। भाजपा संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर नामों के चयन को लेकर समीकरण बनाए जा रहे हैं, जिनमें वरिष्ठता, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और पार्टी संतुलन पर जोर है। यह नियुक्तियाँ नियोजित रूप से जल्दी घोषित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
संभावित दावेदार नाम (राजनीति के चर्चित नाम)
नीचे ऐसे नाम हैं जो समाचार, राजनीतिक समीकरण और चर्चाओं में सामने आए हैं (यह सूची राजनीतिक परिप्रेक्ष्य के लिए तैयार की गई है):
1. अरविंद सिंह भदौरिया – वरिष्ठ भाजपा नेता, पिछली रिपोर्ट्स में चर्चित
2. कमल पटेल – वरिष्ठ भाजपा नेता, पिछली रिपोर्ट्स में चर्चित
3. रामनिवास रावत – राजनीतिक समीकरणों वाले चेहरा
4. इमरती देवी – पूर्व मंत्री, संगठन से जुड़ी भूमिका
5. महेंद्र सिंह सिसोदिया – पूर्व मंत्री, अनुभवी नेता
6. ओ. पी. एस. भदोरिया – पूर्व विधायक व राजनीतिक रूप से सक्रिय
7. रजनीश अग्रवाल – पार्टी संगठन का भरोसेमंद चेहरा
8. लोकेंद्र पराशर – संगठन के सक्रिय पदाधिकारी, समन्वय में माहिर
9. आशीष अग्रवाल – संगठन पदाधिकारी के रूप में चर्चित
सरकार को पिछले दो साल का कार्यकाल पूरा कर लेने के बाद भी नियुक्तियों में देरी इसलिए हो रही है क्योंकि राजनीतिक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और जातीय समीकरण के साथ-साथ दिल्ली हाईकमान के सुझावों पर भी विचार चल रहा है। इस प्रक्रिया में हर नाम पर सहमति बनाने का दबाव है।
संदेश और संगठन
इन नियुक्तियों से पार्टी संदेश भी स्पष्ट होगा कि अनुभवी और युवाओं दोनों को मौका. संगठन में संतुलन तथा विधानसभा सत्र को लेकर समर्थन भी मजबूत होगा। सभी नाम पार्टी के राजनीतिक दीर्घकालिक एजेंडे और क्षेत्रीय समीकरण के लिहाज से चुने जा सकते हैं।
अब क्या होने वाला है?
दिल्ली हाईकमान और प्रदेश नेतृत्व के बीच अंतिम दौर की बैठकों के बाद ही आधिकारिक सूची जारी होगी। यह सूची 40+ निगम–बोर्ड और प्राधिकरण पदों के लिए हो सकती है और राजनीतिक माहौल को एक नई दिशा देगी।
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