जयपुर/नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी (NEET UG) एक बार फिर विवादों के घेरे में है। राजस्थान में परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के गंभीर आरोप लगे हैं। दावा किया जा रहा है कि परीक्षा से काफी पहले व्हाट्सएप पर जो 'संभावित प्रश्नपत्र' वायरल हो रहे थे, वे असली परीक्षा के प्रश्नों से हूबहू मेल खाते हैं। इस खुलासे के बाद राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने मामले की जांच संभाल ली है।
120 सवाल हूबहू मिले, उत्तर के विकल्प भी वही
अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) विशाल बंसल के मुताबिक, कुछ छात्रों के पास परीक्षा से करीब एक महीने पहले ही एक संभावित प्रश्नपत्र पहुंच गया था, जिसमें 410 सवाल थे। जब असली परीक्षा के पेपर से मिलान किया गया, तो चौंकाने वाली बात सामने आई। केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) के करीब 120 प्रश्न और उनके उत्तर के विकल्प बिल्कुल एक जैसे थे। एक अन्य सूत्र का दावा है कि वायरल पेपर के 281 प्रश्नों में से 135 प्रश्न मुख्य प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल खाते हैं। पुलिस अब इस बड़े रैकेट की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
"नीलाम हो रहा है छात्रों का भविष्य" - राहुल गांधी
इस घटनाक्रम पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर उन्होंने लिखा, "नीट 2026 के पेपर लीक की खबरें सुनी हैं। अब यह कोई परीक्षा नहीं रही, बल्कि नीट अब नीलामी बन गई है। 22 लाख से ज्यादा छात्र साल भर रात-रात भर जागकर पढ़ाई करते हैं, लेकिन एक ही रात में उनका भविष्य बाजार में नीलाम कर दिया जाता है।"राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में 89 बार पेपर लीक हुए हैं और 48 बार दोबारा परीक्षाएं करानी पड़ी हैं, लेकिन सरकार की चुप्पी नहीं टूट रही है।
NTA की सफाई: जांच में करेंगे सहयोग
वहीं, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इन आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि प्रश्नपत्रों को जीपीएस ट्रैक्ड गाड़ियों में भेजा गया था और परीक्षा केंद्रों पर जैमर, सीसीटीवी और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जैसी कड़ी सुरक्षा थी। हालांकि, 7 मई को कुछ गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद एजेंसी ने कहा है कि यदि पेपर लीक जैसी कोई बात सामने आती है, तो वे जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे।बता दें कि साल 2024 में भी नीट परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगे थे, जिसके बाद अब 2026 की परीक्षा पर उठे इन सवालों ने लाखों अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी है।