2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद बनी नई BJP सरकार ने राज्य में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य और केंद्र में BJP की “डबल इंजन” सरकार होने से जनता तक योजनाओं का लाभ तेज़ी और बिना रुकावट पहुंचेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में मिलेगा बड़ा फायदा
नई सरकार के अनुसार, आयुष्मान भारत योजना के जरिए राज्य के पात्र लाभार्थियों को देशभर के सूचीबद्ध अस्पतालों में सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में बड़ी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। योजना लागू होने के बाद मरीज राष्ट्रीय स्वास्थ्य नेटवर्क के तहत इलाज करा सकेंगे, जिससे इलाज की पहुंच और विकल्प दोनों बढ़ेंगे।
स्वास्थ साथी योजना भी रहेगी जारी
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि आयुष्मान भारत लागू होने के बावजूद पश्चिम बंगाल की मौजूदा स्वास्थ्य योजना “स्वास्थ्य साथी” को बंद नहीं किया जाएगा। सरकार पात्रता के आधार पर दोनों योजनाओं के लाभार्थियों को अलग-अलग श्रेणियों में बांट सकती है। इस फैसले को लेकर माना जा रहा है कि राज्य और केंद्र की योजनाएं समानांतर रूप से चलेंगी ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सके।
“डबल इंजन सरकार” पर PM मोदी का जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोगों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार होने से विकास परियोजनाओं और जनकल्याण योजनाओं का क्रियान्वयन तेज़ होगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में राज्य में कई केंद्रीय योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को गति दी जाएगी।
पहली कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली नई कैबिनेट की पहली बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। इनमें BSF के लिए सीमा पर फेंसिंग हेतु जमीन हस्तांतरण, सरकारी नौकरी आवेदन की आयु सीमा बढ़ाना और अन्य केंद्रीय योजनाओं की शुरुआत शामिल है।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि आयुष्मान भारत के लागू होने से राज्य के लाखों परिवारों को बेहतर और किफायती इलाज की सुविधा मिलेगी। खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नई स्वास्थ्य व्यवस्था के जरिए पश्चिम बंगाल में हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर और चिकित्सा सुविधाओं को भी मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।