नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रस्तावित द्विपार्श्विक व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) पर चर्चा अगले चरण में पहुंच गई है। पिछले महीने वॉशिंगटन में हुई सफल बैठक के बाद, अब अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल जल्द ही भारत का दौरा करने वाला है।
तारीखें अभी तय नहीं, पर चर्चा जारी
सोमवार को केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि व्यापारिक वार्ता का अगला दौर भारत में होना तय है। हालांकि, अभी तक दौरे की सटीक तारीखें तय नहीं की गई हैं, लेकिन दोनों ही देश इस चर्चा की गति को बनाए रखने के लिए उत्सुक हैं। राजनयिक और वाणिज्यिक स्तरों पर निरंतर संवाद जारी है ताकि समझौते की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा सके।
वॉशिंगटन बैठक में इन मुद्दों पर हुई थी चर्चा
अप्रैल में वॉशिंगटन में हुई बैठक के दौरान अंतरिम व्यापार समझौते और भविष्य की व्यापारिक रणनीतियों पर विस्तार से बात की गई थी। सूत्रों के मुताबिक, चर्चा में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया गया:
बाजार तक पहुंच (Market Access) और टैरिफ से जुड़ी बाधाएं।
तकनीकी व्यापारिक रुकावटें और सीमा शुल्क का सरलीकरण।
डिजिटल व्यापार और निवेश के नए अवसर।
आर्थिक सुरक्षा के क्षेत्र में समन्वय।
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है यह कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में चल रही अनिश्चितता के बीच भारत और अमेरिका का करीब आना केवल आर्थिक नहीं, बल्कि रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। विशेषकर चीन पर निर्भरता कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में हो रहे बदलावों के बीच, नई दिल्ली खुद को एक विश्वसनीय मैन्युफैक्चरिंग और इन्वेस्टमेंट हब के रूप में पेश कर रही है। वहीं, अमेरिका भी दक्षिण एशियाई देशों में भारत के साथ अपने आर्थिक रिश्तों को और अधिक मजबूत करने का इच्छुक है।
अगले दौर की इस वार्ता से उम्मीद की जा रही है कि कई लंबित मुद्दों पर आम सहमति बन सकेगी, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक समुदायों के लिए नए रास्ते खुलेंगे।