नई दिल्ली: भारत और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा सहयोग को नई मजबूती मिलने की संभावना के बीच वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज भारत दौरे पर पहुंची हैं। 3 से 7 जून तक चलने वाले इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच तेल आपूर्ति, ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और व्यापार से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस यात्रा के दौरान बड़े समझौते होते हैं तो भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए नए और मजबूत विकल्प मिल सकते हैं।
भारत के लिए क्यों अहम है वेनेजुएला?
वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में गिना जाता है। ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, भारत अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति पर काम कर रहा है। हाल के वर्षों में भारत ने वेनेजुएला से तेल आयात बढ़ाया है और अब यह देश भारत के लिए एक महत्वपूर्ण ऊर्जा साझेदार बनकर उभर रहा है। इससे भारत की रूस और खाड़ी देशों पर निर्भरता भी कुछ हद तक कम हो सकती है।
नई दिल्ली पहुंचकर जताई खुशी
भारत पहुंचने के बाद डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा कि वह भारत की धरती पर आकर बेहद प्रसन्न हैं। उन्होंने भारत को एक साहसी, आध्यात्मिक और वैश्विक अर्थव्यवस्था में तेजी से उभरती हुई शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला भारत के साथ मित्रता, सहयोग और शांति का संदेश लेकर आया है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
ऊर्जा, व्यापार और निवेश पर होगी चर्चा
इस दौरे के दौरान ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर रहने की संभावना है। इसके अलावा व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य सेवाएं, दवा उद्योग, परिवहन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी को मजबूत बनाने पर चर्चा हो सकती है। दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए नए अवसरों की तलाश की जाएगी, जिससे व्यापारिक संबंधों को नई गति मिल सके।
भारत की वैश्विक भूमिका की सराहना
डेल्सी रोड्रिगेज ने अपने बयान में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व अर्थव्यवस्था में एक प्रभावशाली और मजबूत शक्ति के रूप में उभरा है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है और दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में उसकी स्थिति मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला भारत के साथ दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदारी चाहता है।
वैश्विक तनाव के बीच बढ़ी रणनीतिक अहमियत
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े जोखिमों के बीच भारत और वेनेजुएला का सहयोग रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण हो सकता है। तेल आपूर्ति में स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और वैकल्पिक स्रोतों की उपलब्धता भारत की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में यह दौरा दोनों देशों के लिए आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।