पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केंद्र सरकार की सरकारी भर्तियों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में बढ़ती संविदा नियुक्तियों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में केंद्र सरकार की नौकरियों में खाली पदों की संख्या करीब दोगुनी हो गई है।
कमलनाथ ने कहा कि देश के करोड़ों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की वर्षों तक तैयारी करते हैं और बेहतर रोजगार की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन सरकारी पदों पर समय पर भर्ती नहीं होने से उनके भविष्य पर असर पड़ रहा है।
10 साल में खाली पदों की संख्या करीब दोगुनी- कमलनाथ
कमलनाथ ने अपने पोस्ट में आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2015 में केंद्र सरकार की नौकरियों में करीब 4.2 लाख पद खाली थे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 8.24 लाख हो गई।
उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में इतने बड़े स्तर पर पद खाली रहना चिंता का विषय है। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी और खाली पदों को नहीं भरने का सीधा असर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं पर पड़ रहा है।
सार्वजनिक उपक्रमों में ठेका कर्मचारियों की संख्या बढ़ने का दावा
पूर्व मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में नियमित रोजगार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि 2015 में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में 18.6 प्रतिशत कर्मचारी ठेके पर काम करते थे, जबकि 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 49.1 प्रतिशत हो गया।
कमलनाथ ने कहा कि इसका मतलब है कि सार्वजनिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों का करीब आधा हिस्सा अब ठेके पर है। उन्होंने नियमित रोजगार के बजाय ठेका व्यवस्था के बढ़ते चलन को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
'राज्यों के आंकड़े जोड़ें तो स्थिति और भयावह होगी'
कमलनाथ ने कहा कि ये आंकड़े केवल केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र से जुड़े हैं। अगर इसमें राज्य सरकारों के रोजगार और रिक्त पदों के आंकड़े भी जोड़ दिए जाएं तो तस्वीर और गंभीर हो सकती है।उन्होंने कहा कि जिस देश में करोड़ों युवा रोजगार की तलाश में हैं, वहां सरकारी भर्ती में कमी आना युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
राहुल गांधी का भी किया जिक्र
कमलनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी पूरे देश में छात्रों की गूंज के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं और नौकरी में हो रही गड़बड़ियों का मुद्दा उठा रहे हैं।
'बेरोजगारी का एक बड़ा कारण नौकरी के द्वार बंद होना'
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बढ़ती बेरोजगारी का एक बड़ा कारण सरकार की ओर से सरकारी नौकरियों में पर्याप्त भर्ती नहीं किया जाना भी है।उनके मुताबिक खाली पदों पर समयबद्ध तरीके से भर्ती की जाए तो बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने सरकार से भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की।
कमलनाथ ने सरकार से की दो बड़ी मांगें
कमलनाथ ने केंद्र सरकार से सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों पर तेजी से भर्ती करने की मांग की। साथ ही उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में ठेका कर्मचारियों की जगह नियमित कर्मचारियों का अनुपात बढ़ाने की जरूरत बताई।उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए और खाली पदों को लंबे समय तक रिक्त रखना उचित नहीं है।