मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर प्रदेश की भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर हमला बोला है।कमलनाथ ने लिखा कि “मध्य प्रदेश की सरकार देश की सबसे ज़्यादा शिक्षा विरोधी सरकार है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी दावों के विपरीत प्रदेश में बड़ी संख्या में बच्चे स्कूल छोड़ रहे हैं
15 लाख और 12 लाख बच्चों के स्कूल छोड़ने का दावा
कमलनाथ ने अपने पोस्ट में कुछ रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए दावा किया कि पिछले साल करीब 15 लाख बच्चे और इस साल करीब 12 लाख बच्चे स्कूल छोड़ने को मजबूर हुए।उन्होंने आरोप लगाया कि इसकी सबसे बड़ी वजह सरकार की ओर से स्कूलों को बंद करना या उनका दूसरे स्कूलों में विलय यानी मर्ज करना रही है।
स्कूल बंद या मर्ज होने से बच्चों पर असर का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों को अचानक बंद करने या दूसरे स्कूलों में मर्ज करने से कई बच्चों के लिए दूसरे स्कूल में दाखिला लेना मुश्किल हो जाता है।उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है और कई विद्यार्थी शिक्षा व्यवस्था से बाहर हो रहे हैं।
‘बंद या मर्ज होने वाले स्कूलों में आधे से ज्यादा MP के’
कमलनाथ ने अपने पोस्ट में दावा किया कि देश में जितने स्कूल बंद या मर्ज किए जा रहे हैं, उनमें से आधे से ज्यादा मध्य प्रदेश के हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश के बच्चे सरकार की इस नीति से सबसे ज्यादा परेशान हैं। कमलनाथ ने स्कूलों के बंद और विलय की प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार की नीति पर सवाल उठाए।
‘सरकारी स्कूलों को चौपट करने का मन बना लिया’
कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए लिखा कि ऐसा लगता है कि भाजपा की सरकार ने सरकारी स्कूलों को पूरी तरह चौपट करने का मन बना लिया है।