मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम विभाग ने कई जिलों में अगले कुछ घंटों के दौरान खराब मौसम की चेतावनी दी है। उपलब्ध ताजा रिपोर्ट के अनुसार निवाड़ी, ओरछा, टीकमगढ़, छतरपुर, खजुराहो, पन्ना, सतना, चित्रकूट, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बांधवगढ़, शहडोल, अनूपपुर, अमरकंटक, कटनी, दमोह और सागर सहित कई क्षेत्रों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों में मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना भी बनी हुई है। ऐसे में खासकर शाम और रात के समय खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
35 से ज्यादा जिलों में हल्की बारिश के आसार
प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, भोपाल, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, हरदा, खंडवा, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, रायसेन, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी समेत अनेक जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। अलग-अलग क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही और स्थानीय स्तर पर बनने वाली मौसम प्रणालियों के कारण बारिश की तीव्रता में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की ताजा चेतावनियों में भी मध्य भारत में वर्षा गतिविधि बने रहने के संकेत दिए गए हैं।
पूर्वी मध्य प्रदेश में ज्यादा सक्रिय रह सकता है मौसम
मौसम की मौजूदा स्थिति में प्रदेश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों पर विशेष नजर बनी हुई है। इन क्षेत्रों में नमी और बादलों की आवाजाही के कारण कुछ स्थानों पर अचानक तेज बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश के लिए आने वाले दिनों का पूर्वानुमान भी पूरी तरह शुष्क मौसम की ओर संकेत नहीं कर रहा है और सितंबर की शुरुआत में भी अलग-अलग इलाकों में बारिश जारी रहने की संभावना दिखाई दे रही है। तेज बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर दृश्यता कम होने और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थानीय समस्याएं सामने आ सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम कर रहे लोगों को भी गरज-चमक के दौरान विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
बिजली गिरने के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका वाले मौसम में खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे और जलाशयों के आसपास खड़े रहना जोखिम भरा हो सकता है। तेज आंधी शुरू होने पर लोगों को सुरक्षित और पक्की जगह पर रहने की सलाह दी जाती है। मौसम खराब होने के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना और स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखना भी जरूरी है। खासकर ग्रामीण इलाकों में बिजली गिरने की घटनाएं अचानक हो सकती हैं, इसलिए बादलों की तेज गर्जना सुनाई देने पर खुले स्थान से तुरंत सुरक्षित जगह की ओर जाना बेहतर है। ताजा राष्ट्रीय पूर्वानुमान में भी कई राज्यों के साथ मध्य भारत में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने के संकेत हैं।
सितंबर की शुरुआत में भी जारी रह सकता है बारिश का दौर
मध्य प्रदेश में मौसम का यह बदलाव केवल कुछ घंटों तक सीमित रहने वाला नहीं दिख रहा है। उपलब्ध पूर्वानुमान में 1 सितंबर से आगे भी अलग-अलग दिनों में बारिश और कुछ क्षेत्रों में जोरदार बौछारों की संभावना बनी हुई है। ऐसे में प्रदेशवासियों को अगले कुछ दिनों तक मौसम में अचानक बदलाव के लिए तैयार रहना होगा। किसानों के लिए भी यह अवधि महत्वपूर्ण है, क्योंकि तेज बारिश के साथ हवा और बिजली की स्थिति फसलों तथा स्थानीय कृषि गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है। मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर प्रशासन को भी जलभराव और तेज हवाओं से जुड़ी संभावित परिस्थितियों पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।