भोपाल: मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने मंत्रालय में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए फेस रिकग्निशन बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम (FRAS) अनिवार्य कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 6 नवंबर तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का सेल्फ रजिस्ट्रेशन पूरा होना चाहिए। निर्धारित समय-सीमा में रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वालों का अगले महीने का वेतन भुगतान रोक दिया जाएगा।
सरकार ने यह व्यवस्था मंत्रालय, सतपुड़ा भवन और विंध्याचल भवन में कार्यरत कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए लागू की है। 1 नवंबर से फेस रिकग्निशन आधारित अटेंडेंस सिस्टम अनिवार्य कर दिया गया है।
6 नवंबर तक 100 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन का निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव ने इस संबंध में सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों को पत्र जारी किया है।पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि सभी विभाग अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों का 6 नवंबर तक अनिवार्य रूप से 100 प्रतिशत सेल्फ रजिस्ट्रेशन पूरा करवाएं।सरकार का उद्देश्य मंत्रालय और उससे जुड़े प्रमुख प्रशासनिक भवनों में कर्मचारियों की उपस्थिति को डिजिटल और पारदर्शी बनाना है।
रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो रुकेगी अगले महीने की सैलरी
GAD ने निर्देशों में वेतन भुगतान को लेकर भी सख्ती दिखाई है। निर्धारित समय-सीमा यानी 6 नवंबर तक FRAS में पंजीकरण नहीं कराने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का आगामी माह का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा।इस आदेश के बाद मंत्रालय में कार्यरत हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों को तय समय में अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
मंत्रालय के तीनों भवनों में बनाए गए हेल्प डेस्क
कर्मचारियों को रजिस्ट्रेशन कराने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने विशेष व्यवस्था की है।वल्लभ भवन, विंध्याचल भवन और सतपुड़ा भवन के प्रवेश द्वारों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। यहां कर्मचारियों को फेस अटेंडेंस सिस्टम में सेल्फ रजिस्ट्रेशन से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सभी प्रवेश द्वारों पर लगाए गए फेस रिकग्निशन सिस्टम
मंत्रालय के सभी प्रवेश द्वारों पर फेस रिकग्निशन आधारित अटेंडेंस सिस्टम से जुड़े कैमरे लगाए गए हैं। इनके माध्यम से कर्मचारियों की पहचान कर उनकी उपस्थिति दर्ज की जाएगी।नई व्यवस्था लागू होने के बाद मंत्रालय में आने-जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति डिजिटल तरीके से रिकॉर्ड होगी।