करीब सवा चार घंटे तक हुई बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच समझौता हो गया। दोनों ने ही अपने राजनीतिक भविष्य का फैसला कांग्रेस के आलाकमान पर छोड़ दिया। कांग्रेस पार्टी के महासचिव के सी वेणूगोपाल ने इस संबंध में बयान जारी करते हुए कहा कि दोनों नेता एकजुट हैं। कोई भी मनमुटाव नहीं अब हम पूरी ताकत के साथ विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे।राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 से पहले पार्टी को एकजुट करने के लिए खड़गे का आवास पर करीब शाम 6 बजे बैठक शुरू हुई। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के अलावा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल शामिल हुए। ऐसा बताया जा रहा है कि खड़गे ने पहले गहलोत से अकेले में बात की जिसमें उन्होंने पायलट के उठाए मुद्दों पर जानकारी ली।
करीब 15 मिनट बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और 45 मिनट बाद राजस्थान के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी बैठक में पहुंचे। कांग्रेस नेता पायलट को साथ लेकर राजस्थान के चुनाव में जाना चाहती थी। यही वजह है कि उनकी ओर से उठाए गए सभी मुद्दों पर वरिष्ठ नेताओं ने चर्चा की। इसके खड़गे ने सचिन पायलट से भी मुलाकात कर उनका पक्ष जाना।
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