पीएम मोदी द्वारा नए संसद भवन का उद्घाटन किए जाने के बाद कांग्रेस ने आज रविवार को उन पर निशाना साधते हुए कहा कि, संसदीय प्रक्रियाओं की पूरी तरह तिरस्कार करने वाला आत्म-गौरवशाली सत्तावादी पीएम, जो शायद ही कभी संसद में भाग लेते हैं या इसमें शामिल होते हैं।
जयराम रमेश ने साधा पीएम पर निशाना
वहीं इस कार्यक्रम के लिए 28 मई को चुनने पर केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कांग्रेस महासचिव संचार प्रभारी जयराम रमेश ने एक ट्वीट कर लिखा कि, इस दिन, 28 मई 1964 को भारत में सबसे अधिक संसदीय लोकतंत्र का पोषण करने वाले प्रथम पीएम पंडित जवाहरलाल नेहरू का अंतिम संस्कार हुआ था और वी.डी. सावरकर, जिसके वैचारिक पारिस्थितिकी तंत्र ने महात्मा गांधी की हत्या की, का 1883 में जन्म हुआ था।कांग्रेस ने पीएम मोदी को सत्तावादी पीएम बताया
कांग्रेस के सीनियर नेता जयराम रमेश ने कहा कि, राष्ट्रपति बनने वाली पहली आदिवासी महिला को अपने संवैधानिक कर्तव्यों को पूरा करने और 2023 में नए संसद भवन का उद्घाटन करने की अनुमति नहीं है। वहीं आगे उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि, संसदीय प्रक्रियाओं के लिए घोर तिरस्कार के साथ एक आत्म-गौरवशाली सत्तावादी प्रधानमंत्री, जो शायद ही कभी संसद में भाग लेता है या उसमें शामिल होता है।लोकसभा में पीएम ने ऐतिहासिक 'सेंगोल' स्थापित किया
आपको बता दें कि, इससे पहले दिन में, पीएम मोदी ने पारंपरिक 'पूजा' और 'हवन' के बाद लोकसभा की कुर्सी के पास ऐतिहासिक 'सेंगोल' स्थापित किया और नए संसद भवन का उद्घाटन किया। वहीं कांग्रेस के अलावा देश के 19 अन्य विपक्षी दलों ने नए संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार किया।Read More: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह बोले- ''कांग्रेस जाए भाड़ में''
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