पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कानून-व्यवस्था और सीमा सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताते हुए गौ-तस्करी के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। सत्ता संभालते ही हुई पहली कैबिनेट बैठक में सरकार ने राज्य में सक्रिय कथित गौ-तस्करी नेटवर्क को खत्म करने का संकल्प लिया और इस दिशा में कई अहम फैसले लिए।
बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए बांग्लादेश से सटी सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। सरकार का मानना है कि मजबूत फेंसिंग के बिना सीमा पार होने वाली अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना संभव नहीं है, इसलिए इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दी गई है।
गौ-तस्करी और अवैध नेटवर्क पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिया है कि राज्य में अपराध और तस्करी से जुड़े नेटवर्क को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कैबिनेट ने गृह विभाग को निर्देश दिया है कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल बड़े नेटवर्क और कथित मास्टरमाइंड्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सीमा सुरक्षा को लेकर नई रणनीति
सरकार ने सीमावर्ती इलाकों में जनसंख्या परिवर्तन और अवैध घुसपैठ को गंभीर सुरक्षा चुनौती बताया है। भूमि राजस्व विभाग को निर्देश दिया गया है कि BSF को जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया 45 दिनों के भीतर पूरी की जाए ताकि फेंसिंग कार्य में तेजी लाई जा सके। सरकार का दावा है कि पिछली व्यवस्थाओं में देरी के कारण सीमा सुरक्षा प्रभावित हुई थी।
घुसपैठ और तस्करी रोकने के लिए संयुक्त ऑपरेशन
कैबिनेट में यह भी विचार किया गया कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत जनगणना और सुरक्षा संबंधित नीतियों को तेज़ी से लागू करने की योजना भी बनाई जा रही है।
सख्त संदेश: कानून व्यवस्था में बदलाव तय
सरकार के इन फैसलों को राज्य में कानून व्यवस्था और सीमा सुरक्षा की नई रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि इन कदमों से अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत होगी।