असम की राजधानी गुवाहाटी में आयोजित मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के शपथग्रहण समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक गंभीर मामला सामने आया। खानापारा स्थित पशु चिकित्सा महाविद्यालय मैदान के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा जांच के दौरान एक युवक के पास से कई जिंदा कारतूस बरामद किए गए। घटना सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस अधिकारियों में हलचल मच गई। मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत युवक को रोककर पूछताछ शुरू की और बाद में उसे हिरासत में ले लिया गया। यह घटना ऐसे समय हुई जब कार्यक्रम में देश के कई शीर्ष नेता मौजूद थे।
हथियार नहीं मिला, लेकिन जांच एजेंसियां सतर्क
पुलिस अधिकारियों के अनुसार हिरासत में लिए गए युवक के पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है, लेकिन उसके पास मौजूद जिंदा कारतूसों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक पूछताछ के बाद आरोपी को वशिष्ठ थाना ले जाया गया, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक कारतूस लेकर कार्यक्रम स्थल तक कैसे पहुंचा और उसका उद्देश्य क्या था। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि यह महज लापरवाही का मामला है या इसके पीछे किसी बड़े सुरक्षा खतरे की आशंका छिपी हुई है।
प्रधानमंत्री समेत कई दिग्गज नेता मंच पर थे मौजूद
यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया जब मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने की तैयारियां अंतिम चरण में थीं। कार्यक्रम स्थल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री मौजूद थे। इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के अनेक मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इतने बड़े स्तर के वीवीआईपी कार्यक्रम में कारतूस बरामद होने की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू की बहुस्तरीय जांच
घटना के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने पूरे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा शुरू कर दी। प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त जांच बढ़ा दी गई और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी गई। अधिकारियों का कहना है कि कार्यक्रम में हजारों लोगों की मौजूदगी और शीर्ष नेताओं की उपस्थिति को देखते हुए किसी भी प्रकार की चूक को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी अकेले कार्य कर रहा था या उसके संपर्क किसी अन्य व्यक्ति या समूह से जुड़े हुए हैं।
दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हिमंत बिस्वा सरमा
सुरक्षा घटनाक्रम के बीच हिमंत बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल द्वारा आयोजित समारोह में उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। पिछले कार्यकाल में अपनी प्रशासनिक सक्रियता और राजनीतिक प्रभाव के कारण चर्चा में रहे हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में दोबारा सत्ता हासिल की है। हालांकि शपथ समारोह के दौरान सामने आई इस सुरक्षा घटना ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।