नई दिल्ली. पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों पर यह दावा किया जा रहा था कि 30 जून 2026 के बाद देशभर में एलपीजी कनेक्शन बंद कर दिए जाएंगे। इस खबर ने करोड़ों उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी थी। अब केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि ऐसी कोई योजना नहीं है। इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस के सभी उपभोक्ताओं को पहले की तरह एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति जारी रहेगी और मौजूदा कनेक्शनों पर किसी प्रकार का प्रतिबंध लागू नहीं किया जा रहा है।
पीएनजी को बढ़ावा देने की नीति पर सरकार का फोकस
सरकार का मुख्य उद्देश्य घरेलू गैस वितरण व्यवस्था को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है। इसी दिशा में पाइप्ड नेचुरल गैस अर्थात पीएनजी नेटवर्क का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। जिन शहरों और क्षेत्रों में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध हो चुकी है, वहां उपभोक्ताओं को धीरे-धीरे इस विकल्प को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि भविष्य की शहरी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पीएनजी अधिक प्रभावी माध्यम साबित हो सकता है।
क्या है 'नो ड्यूल कनेक्शन' नीति?
मार्च 2026 में जारी निर्देशों के अनुसार सरकार ने 'नो ड्यूल कनेक्शन' नीति लागू की है। इस नीति का उद्देश्य एक ही परिवार द्वारा एलपीजी और पीएनजी दोनों सुविधाओं का एक साथ उपयोग रोकना है। जिन घरों में पहले से पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध है, वहां नए एलपीजी कनेक्शन जारी करने पर रोक लगाई जा सकती है। कुछ मामलों में उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने की सलाह भी दी जा रही है। हालांकि यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार लागू की जा रही है।
पीएनजी को क्यों माना जा रहा है बेहतर विकल्प?
सरकार और गैस वितरण कंपनियों का कहना है कि पीएनजी कई दृष्टियों से लाभकारी है। इसमें सिलेंडर बुक कराने, डिलीवरी का इंतजार करने या गैस खत्म होने की चिंता नहीं रहती। गैस की आपूर्ति सीधे पाइपलाइन के माध्यम से निरंतर होती रहती है। इसके अलावा पीएनजी को अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल विकल्प माना जाता है। परिवहन और भंडारण संबंधी खर्च कम होने के कारण दीर्घकाल में यह व्यवस्था अधिक किफायती भी साबित हो सकती है।
तेजी से बढ़ रहा है पीएनजी नेटवर्क
पेट्रोलियम क्षेत्र से जुड़े आंकड़े बताते हैं कि मार्च 2026 के बाद से देशभर में पीएनजी कनेक्शनों का विस्तार उल्लेखनीय गति से हुआ है। लाखों नए उपभोक्ता इस व्यवस्था से जुड़े हैं और बड़ी संख्या में परिवारों ने एलपीजी के साथ-साथ या उसके स्थान पर पीएनजी को अपनाया है। शहरी क्षेत्रों में गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार से ऊर्जा आपूर्ति की दक्षता बढ़ाने और घरेलू उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उपभोक्ताओं के लिए क्या है सबसे महत्वपूर्ण संदेश?
सरकार ने साफ कहा है कि वर्तमान में एलपीजी कनेक्शन बंद करने का कोई राष्ट्रीय आदेश जारी नहीं किया गया है। इसलिए उपभोक्ताओं को किसी भी अपुष्ट सूचना या अफवाह पर भरोसा नहीं करना चाहिए। एलपीजी और पीएनजी से संबंधित किसी भी बदलाव की जानकारी केवल अधिकृत सरकारी स्रोतों, तेल कंपनियों और आधिकारिक घोषणाओं से ही प्राप्त करनी चाहिए। फिलहाल देशभर में एलपीजी उपभोक्ताओं की सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी और गैस आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने वाली है।