नई दिल्ली. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने ताजा बुलेटिन में बताया है कि उत्तरी अंडमान सागर और उससे सटे म्यांमार तट पर बने डिप्रेशन तथा उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से देश के कई हिस्सों में बारिश के साथ आंधी-तूफान और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा। निचले क्षोमंडल स्तर पर उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों के ऊपर एक चक्रवाती सर्कुलेशन सक्रिय है। मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में भी एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है हालांकि यह कमजोर हुआ है। इन कई सिस्टमों के एक साथ सक्रिय होने से मौसम की स्थिति जटिल बनी हुई है।
राजस्थान से दिल्ली तक बारिश और आंधी
मौसम विभाग के अनुसार 28-09-2026 और 29-09-2026 के दौरान पूर्वी राजस्थान हरियाणा चंडीगढ़-दिल्ली पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना है। मॉनसून की विदाई के बावजूद रिमझिम फुहारों का सिलसिला इन क्षेत्रों में बना रहेगा। तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के इलाकों में मौसम बदला-बदला रहेगा। लोगों को सावधानी बरतने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
अंडमान सागर में डिप्रेशन का असर
उत्तरी अंडमान सागर और म्यांमार तट के पास बना कम दबाव का क्षेत्र 28-09-2026 की सुबह डिप्रेशन में बदल गया। इसके 28-09-2026 की शाम या रात तक और अधिक गहरा होकर डीप डिप्रेशन में तब्दील होने तथा यांगून और क्याइकटो के बीच म्यांमार तट को पार करने की संभावना है। इसके प्रभाव से 28-09-2026 और 29-09-2026 को अंडमान द्वीप समूह में भारी बारिश और 50 से 60 किमी प्रति घंटा तथा झोंके में 70 से 75 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। समुद्र में स्थिति अत्यंत खराब रहने के कारण मछुआरों को 01-10-2026 तक अंडमान सागर उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तथा म्यांमार और बांग्लादेश तटों के पास न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
पहाड़ों पर सीजन की पहली बर्फबारी
स्काईमेट एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले सप्ताहांत के दौरान पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पहाड़ों से होकर गुजरा। हालांकि इस सिस्टम का असर अभी भी इलाके पर बना हुआ है और इसके बाद ऊपरी हवाओं का एक और ट्रफ आ रहा है। इन मौसमी दशाओं के प्रभाव में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के मध्यम और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। किन्नौर इलाके में जहां की ऊंचाई 8000 से 20000 फीट के बीच है सीजन की पहली बर्फ गिरी। तिब्बत सीमा के पास कुनो-चिरांग में बर्फ की चादर बिछ गई। लाहौल और स्पीति घाटी 12000 से 14000 फीट ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से ढक गईं। चितकुल में लगभग 3 इंच बर्फबारी हुई।
मछुआरों को चेतावनी
अंडमान सागर में डिप्रेशन के कारण समुद्री स्थिति खराब रहने से मछुआरों को सख्त चेतावनी दी गई है। 01-10-2026 तक अंडमान सागर उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी म्यांमार और बांग्लादेश तटों के पास मछली पकड़ने न जाने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं और भारी बारिश से समुद्र में खतरा बढ़ सकता है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। मौसम विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और अपडेट जारी कर रहा है।
आगे का मौसम पूर्वानुमान
राजस्थान से बंगाल तक अगले कुछ दिनों तक रिमझिम फुहारों और बारिश का मौसम बना रह सकता है। पश्चिमी विक्षोभ और अन्य सिस्टमों के प्रभाव से उत्तर भारत में आंधी-तूफान की संभावना बनी हुई है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला कुछ स्थानों पर जारी रह सकता है। लोग मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें। प्रशासन संबंधित क्षेत्रों में सतर्क है और आवश्यक तैयारियां कर रहा है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।