नई दिल्ली: राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए केंद्र सरकार ने देशभर के 48 शिक्षकों के नामों की घोषणा कर दी है। स्कूली शिक्षा और साक्षरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले इन शिक्षकों को 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सम्मानित करेंगी। पुरस्कार समारोह नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
यूपी के तीन शिक्षकों का चयन
इस साल उत्तर प्रदेश से तीन शिक्षक राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार की सूची में जगह बनाने में सफल रहे हैं। इनमें डॉ. रेनू त्रिपाठी, डॉ. इफ्तिखार खान और शालिनी कुशवाहा के नाम शामिल हैं। यूपी इस सूची में सर्वाधिक चयन वाले राज्यों में शामिल है।
बिहार की दो शिक्षिकाओं को मिला सम्मान
बिहार से खुशबू कुमारी और पुष्पा प्रसाद का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए हुआ है। दोनों शिक्षिकाओं ने अपने-अपने विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई और शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए उल्लेखनीय काम किया है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान से भी दो-दो शिक्षक
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार की सूची में मध्य प्रदेश से डॉ. अर्चना शुक्ला और शैलेंद्र प्रताप सिंह को चुना गया है। वहीं राजस्थान से डॉ. दिव्येंदु सेन और डॉ. वर्तिका गुलाटी को सम्मान के लिए चयनित किया गया है।
महाराष्ट्र से तीन नाम, बंगाल के दो शिक्षकों को सम्मान
महाराष्ट्र से डॉ. कविता नरसिंगराव गित्ते और कुंदा जयवंत बच्छाव का चयन हुआ है, जबकि नवोदय विद्यालय समिति की ओर से वैभव वसंतराव कुलकर्णी को भी पुरस्कार मिलेगा। पश्चिम बंगाल से पलाश चौधरी और शांतनु पात्रा को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है।
पंजाब से दिनेश कुमार का चयन
पंजाब से दिनेश कुमार राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चयनित हुए हैं। इसके अलावा देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से एक-एक शिक्षक को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया है।
48 शिक्षकों की पूरी सूची
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 में चयनित शिक्षकों में अंडमान एवं निकोबार से जे. प्रकाश राव, आंध्र प्रदेश से राजेश कौलुरी, अरुणाचल प्रदेश से याकू तामे और असम से राजेश बोरदोलोई शामिल हैं। चंडीगढ़ से रवि जायसवाल, छत्तीसगढ़ से सुनिता यादव और दिल्ली से सुमन गोयल का भी चयन हुआ है।
गोवा के महादेव हनमंत शिंदे, गुजरात के नितिनकुमार महेंद्रकुमार पाठक, हरियाणा के अनिल कौशिक, हिमाचल प्रदेश की मंजरी वी. महाजन और जम्मू-कश्मीर के मोहम्मद अयाज रैना को भी इस सम्मान के लिए चुना गया है। झारखंड से मुनमुन भट्टाचार्जी और कर्नाटक से रत्नाकुमारी एस का नाम सूची में है।
इसके अलावा केरल से सुनील कुमार केपी, लद्दाख से मोहम्मद मुस्तफा कुमल, मणिपुर से वांगलेम्बम गोबिन सिंह, मिजोरम से लालनुनमावी, नगालैंड से आर रोनाल्ड मेरु, ओडिशा से पदराज उमाकांत नायक और पुडुचेरी से गणेसन एस भी पुरस्कार पाने वालों में शामिल हैं।
सिक्किम से सुषमा तमंग, तमिलनाडु से थंगा राज एम, तेलंगाना से भवानी बोमपेल्ली, त्रिपुरा से रंजन देबनाथ और उत्तराखंड से गबर सिंह को भी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलेगा। इसके साथ ही सीबीएसई, सीआईएससीई, केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति, सैनिक स्कूल और एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय से जुड़े शिक्षक भी सूची में शामिल हैं।
सबसे ज्यादा चयन किन राज्यों से?
इस बार उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र (नवोदय विद्यालय समिति सहित) से तीन-तीन शिक्षक चयनित हुए हैं। वहीं बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल से दो-दो शिक्षक पुरस्कार के लिए चुने गए हैं। कई अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से एक-एक शिक्षक को जगह मिली है।
क्या है राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का उद्देश्य?
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का मकसद उन शिक्षकों के योगदान को पहचानना और सम्मानित करना है, जिन्होंने अपनी मेहनत, नवाचार और प्रतिबद्धता के जरिए स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ विद्यार्थियों के विकास में भी अहम भूमिका निभाई है। सरकार के अनुसार, इन शिक्षकों का योगदान केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में भी योगदान दिया है।