नई दिल्ली: NEET-UG 2026 री-एग्जाम के दौरान मध्य प्रदेश के विदिशा से एक भावुक मामला सामने आया है। परीक्षा केंद्र पर कुछ मिनट की देरी से पहुंचने के कारण एक छात्रा को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद छात्रा और उसके पिता सेंटर के बाहर फूट-फूटकर रो पड़े। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पेपर लीक के बाद हुआ था री-एग्जाम
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के चलते रद्द कर दी गई थी। इसके बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा को दोबारा 21 जून 2026 को आयोजित करने का फैसला लिया था। लाखों अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया।
चंद मिनट की देरी बनी बड़ी वजह
जानकारी के अनुसार, विदिशा स्थित परीक्षा केंद्र पर छात्रा निर्धारित समय से कुछ मिनट देरी से पहुंची थी। NTA के नियमों के तहत दोपहर 1:30 बजे के बाद परीक्षा केंद्र का गेट बंद कर दिया गया था। ऐसे में केंद्र प्रशासन ने छात्रा को प्रवेश देने से इनकार कर दिया। पिता ने अधिकारियों से कई बार अनुरोध किया, लेकिन नियमों के कारण कोई राहत नहीं मिल सकी।
बेटी को डॉक्टर बनाने के लिए दांव पर लगाया सबकुछ
सोशल मीडिया पर वायरल दावों के मुताबिक, छात्रा के पिता ने बेटी को डॉक्टर बनाने के सपने को पूरा करने के लिए अपनी जमीन-जायदाद तक बेच दी थी। छात्रा ने भी परीक्षा की तैयारी के लिए लंबे समय तक कड़ी मेहनत की थी। लेकिन परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलने से उसकी सालभर की मेहनत पर पानी फिर गया।
पेपर लीक पर जताई नाराजगी
घटना के बाद छात्रा के पिता ने परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछली बार परीक्षा पेपर लीक होने के कारण रद्द हुई थी, जिसमें छात्रों की कोई गलती नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब पेपर लीक हुआ तब व्यवस्था विफल रही, लेकिन कुछ मिनट की देरी पर छात्रों को सख्ती का सामना करना पड़ रहा है। उनका दर्द और नाराजगी सोशल Media पर चर्चा का विषय बन गई है।
समय से पहले पहुंचने की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से कम से कम एक से डेढ़ घंटे पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना चाहिए। बायोमेट्रिक सत्यापन, दस्तावेज जांच और अन्य औपचारिकताओं में समय लग सकता है। ऐसे में थोड़ी सी देरी भी परीक्षा से वंचित होने का कारण बन सकती है।