नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बार फिर इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और कथित फायरिंग का आदेश किसने दिया था और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति कौन है।
राहुल गांधी ने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में आकर इस पूरे मामले पर जवाब दें। उनके बयान के बाद भाजपा की ओर से जेपी नड्डा ने पलटवार किया और कहा कि जंतर-मंतर पर कोई गोलीबारी नहीं हुई थी। उन्होंने राहुल गांधी पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने उठाए तीन सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष की ओर से इस मामले में मुख्य रूप से तीन मांगें रखी गई हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले युवाओं पर कार्रवाई की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि गोली चलाने या बल प्रयोग का आदेश किसने दिया।
राहुल गांधी ने दूसरी मांग के तौर पर प्रधानमंत्री से घटना को लेकर माफी मांगने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने राम मंदिर से जुड़े चोरी के आरोपों के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने की मांग भी रखी।
राहुल गांधी ने कहा कि गृह मंत्री को सदन में आकर इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने सरकार से यह बताने की मांग की कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय किस स्तर पर लिया गया था।
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के आरोपों को बताया गलत
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के करीब एक घंटे बाद जेपी नड्डा ने मीडिया से बातचीत में कांग्रेस नेता के आरोपों का जवाब दिया।नड्डा ने कहा कि जंतर-मंतर पर कोई गोली नहीं चली थी और राहुल गांधी लोगों के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं।नड्डा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार चर्चा से पीछे नहीं हट रही है, इसलिए विपक्ष को भी बहस से भागना नहीं चाहिए।
किरेन रिजिजू बोले- गृह मंत्री सदन में देंगे जवाब
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस विवाद पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने लोकसभा में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर सदन में विस्तार से जवाब देंगे।
हालांकि रिजिजू ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमित शाह किस दिन और किस समय सदन में इस मुद्दे पर बयान देंगे। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि जब गृह मंत्री जवाब देने आएं तो विपक्ष को बिना हंगामा किए उनकी बात सुननी होगी।
रिजिजू ने यह भी कहा कि सरकार विपक्ष को चर्चा का अवसर देने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष को यह भरोसा दिलाना होगा कि वह चर्चा के दौरान सदन की कार्यवाही में सहयोग करेगा।
संसद में बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई अब सड़क से संसद तक पहुंच चुकी है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि भाजपा का कहना है कि कांग्रेस और राहुल गांधी घटना को लेकर गलत तथ्य पेश कर रहे हैं।
राहुल गांधी के आरोपों और भाजपा के जवाब के बाद संसद में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। विपक्ष की मांग है कि प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई की जिम्मेदारी तय की जाए, जबकि सरकार की ओर से गृह मंत्री के सदन में जवाब देने की बात कही गई है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि अमित शाह संसद में कब बयान देते हैं और इस पूरे विवाद पर सरकार की ओर से क्या विस्तृत जवाब सामने आता है।