नई दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ कथित टिप्पणी की निंदा करते हुए इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी दर्शाती है कि मुख्य विपक्षी दल को न केवल राजनीतिक बल्कि वैचारिक पतन का भी सामना करना पड़ा है। खरगे ने रविवार को पटना में एक कार्यक्रम में कथित तौर पर कहा था मोदी का बाप भी जाएगा। इस टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया। राजनाथ सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि खरगे की बात से देश के करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
पटना वाले कार्यक्रम की घटना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बिहार के पटना में श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में यह टिप्पणी की। कार्यक्रम के दौरान जब वहां मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि प्रधानमंत्री कहीं नहीं जाएंगे तो खरगे ने कथित रूप से जवाब दिया मोदी का बाप भी जाएगा। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। भाजपा ने इसे आपत्तिजनक और अशोभनीय करार दिया। विपक्ष की भाषा और आचरण पर सवाल उठने लगे। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए।
पद की गरिमा के विपरीत बताया
राजनाथ सिंह ने कहा कि खरगे जिस पद पर हैं उसे देखते हुए उनसे सार्वजनिक जीवन में अधिक गंभीरता, संयम, गरिमा और जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा की जाती है। यदि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वयं इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं तो यह न केवल उनके पद की गरिमा के विपरीत है बल्कि कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस की राजनीति का स्तर हर दिन गिर रहा है। इस तरह की टिप्पणियां लोकतंत्र की गरिमा के अनुकूल नहीं हैं।
राजनीतिक और वैचारिक पतन का आरोप
रक्षा मंत्री ने कहा कि खरगे की टिप्पणी दर्शाती है कि कांग्रेस को न केवल राजनीतिक बल्कि वैचारिक पतन का भी सामना करना पड़ा है। पार्टी अब सकारात्मक राजनीति के बजाय व्यक्तिगत हमलों का सहारा ले रही है। उन्होंने कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता हर बात का हिसाब रखती है और समय आने पर उचित जवाब देती है। राजनाथ सिंह के अनुसार इस तरह की भाषा से विपक्ष अपनी विश्वसनीयता खो रहा है। जनता ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करती।
कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर सवाल
राजनाथ सिंह ने कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष स्तर के नेता से संयम और गरिमा की उम्मीद की जाती है। व्यक्तिगत टिप्पणियां करके राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश लोकतंत्र को कमजोर करती है। भाजपा लगातार कहती रही है कि कांग्रेस मुद्दों पर चर्चा के बजाय व्यक्तिगत हमले करती है। खरगे के बयान ने इस आरोप को और बल दिया है। राजनीतिक दलों को जनहित के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
जनता का हिसाब रखने का संदेश
रक्षा मंत्री ने साफ कहा कि कांग्रेस को याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र में जनता हर बात का हिसाब रखती है। समय आने पर वह उचित जवाब देती है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह गरिमामय राजनीति अपनाए। व्यक्तिगत टिप्पणियों से राजनीतिक माहौल दूषित होता है। राजनाथ सिंह के बयान से भाजपा का रुख साफ है कि वह इस तरह की भाषा को बर्दाश्त नहीं करेगी। आने वाले दिनों में यह विवाद राजनीतिक बहस का मुद्दा बना रह सकता है। दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क देते रहेंगे।