सनातन धर्म में आदि और अनन्त कहे जाने वाले भगवान शिव भक्तों पर हमेशा कृपालु रहे हैं। भगवान शिव की आराधना के लिए प्रदोष व्रत रखा जाता है। हर माह आने वाली दोनों त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत किया जाता है और इस साल का पहला प्रदोष व्रत मई माह में आ रहा है। सोमवार को होने के कारण इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है। सोमवार भगवान शिव को प्रिय है और इस दिन प्रदोष व्रत होने के कारण यह दिन पूजा-पाठ की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चलिए जानते हैं कि मई में सोम प्रदोष व्रत कब है और इस व्रत की पूजा विधि क्या है।
सनातन धर्म में आदि और अनन्त कहे जाने वाले भगवान शिव भक्तों पर हमेशा कृपालु रहे हैं। भगवान शिव की आराधना के लिए प्रदोष व्रत रखा जाता है।