कोलकाता: हाई-वोल्टेज 'कोलकाता डर्बी' से ठीक पहले ईस्ट बंगाल की टीम मुश्किलों में घिरती नजर आ रही है। घरेलू मैदान विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में खेले गए मुकाबले में ऑस्कर ब्रूज़ोन की टीम पंजाब एफसी के खिलाफ संघर्ष करती दिखी और मैच 0-0 से ड्रॉ पर समाप्त हुआ। इस ड्रॉ के साथ ही ईस्ट बंगाल ने लीग की रेस में खुद पर दबाव बढ़ा लिया है।
मैदान पर फीका रहा प्रदर्शन
पूरे मैच के दौरान ईस्ट बंगाल के खिलाड़ी तालमेल की कमी से जूझते नजर आए। मिडफील्ड में मोहम्मद राशिद और मिगुएल फिगुएरा कोई खास कमाल नहीं दिखा सके। आक्रमण पंक्ति में यूसुफ एज़ेज़ारी को भी पंजाब के डिफेंस ने पूरी तरह खामोश रखा। टीम के कोच ऑस्कर ब्रूज़ोन के कुछ फैसले भी सवालों के घेरे में रहे, जैसे शुरुआती 15 मिनट में ही सौविक चक्रवर्ती का पीला कार्ड देखना और फिर उन्हें मैदान से बाहर बुला लेना।
प्रभसुखन गिल बने 'संकटमोचक'
अगर ईस्ट बंगाल एक अंक बचाने में सफल रही, तो इसका पूरा श्रेय गोलकीपर प्रभसुखन गिल को जाता है। उन्होंने पंजाब के दानी रामिरेज़ और लुंगडिम के कई खतरनाक हमलों को नाकाम किया। रक्षापंक्ति में अनवर अली और केविन सिबिल्ले ने जरूर कुछ हद तक भरोसा दिलाया, लेकिन टीम की फॉरवर्ड लाइन पूरी तरह फ्लॉप रही। मैच के अंतिम क्षणों में राशिद का एक लॉन्ग रेंज शॉट गोल पोस्ट से टकराकर वापस आ गया, जिससे जीत की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई।
लीग का समीकरण और डर्बी की चुनौती
ईस्ट बंगाल फिलहाल 11 मैचों में 22 अंकों के साथ टेबल में पहले स्थान पर है। लेकिन उनकी यह बादशाहत खतरे में है। दूसरे स्थान पर मौजूद मोहन बागान के 10 मैचों में 21 अंक हैं। अगर मंगलवार को मोहन बागान की टीम इंटर काशी को हरा देती है, तो वह डर्बी मुकाबले से पहले ईस्ट बंगाल को पीछे छोड़ देगी।ऐसे में आगामी डर्बी मैच न केवल सम्मान की लड़ाई होगी, बल्कि लीग खिताब की दिशा तय करने में भी निर्णायक भूमिका निभाएगी। क्या ऑस्कर ब्रूज़ोन डर्बी से पहले अपनी टीम की कमियों को दूर कर पाएंगे? यह देखना दिलचस्प होगा।