रेहड़ी पटरी कमजोर वर्ग कल्याण समिति द्वारा जारी धरना प्रदर्शन 37वें दिन भी जारी रहा इस दौरान धरने पर बैठे हैं लोगों द्वारा नगर पालिका और शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई धरने में निर्णय लिया गया कि न्याय के देवता महासू महाराज के मंदिर में जाकर उनसे न्याय की गुहार लगाई जाएगी और अपने रोजगार को लेकर लड़ाई को आगे भी जारी रखा जाएगा।
9 महीने से लोग बेरोजगार
रेहड़ी पटरी व्यापारियों का कहना है कि पिछले 9 महीने से वे लोग बेरोजगार हो गए हैं लेकिन अभी तक शासन प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा उनकी सुध लेने नहीं आया है उन्होंने बताया कि उन्होंने बताया कि 37 दिनों से हुए लोग धरने पर बैठे हैं और अब उन्हें न्याय के देवता से ही उम्मीद है लगी है पटरी व्यापारी सुनीता देवी ने बताया है कि पिछले 11 महीने से बेरोजगार हैं और घर का खर्चा चलाना भी मुश्किल हो गया है नगर पालिका द्वारा उन्हें ऐसी जगह पर बिठा दिया गया था जहां पर उनकी बोनी भी नहीं हो पा रही थी 15 20 दिनों तक उन्होंने नगर पालिका द्वारा दिये गए स्थान पर दुकान लगाई लेकिन वहां पर उनका रोजगार नहीं चल पाया।
चुनाव जीतने के बाद गरीबों पर अत्याचार
बिल्लू वाल्मीकि ने बताया कि पिछले 9 महीना से पटरी व्यापारियों का आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न हो रहा है जब तक वेंडर जोन नहीं बनाया जाता तब तक उन्हें ऐसे स्थान पर बिठाया जाए जहां पर उनका रोजगार चल सके उन्होंने कहा कि चुनाव के समय सभी नेता आते हैं और बड़ी-बड़ी घोषणाएं करते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद गरीबों पर ही अत्याचार करते हैं पटरी व्यापारी नेता संजय टम्टा बताया कि धरना प्रदर्शन करते हुए 37 दिन हो चुके हैं लेकिन ना तो शासन प्रशासन न ही कोई सक्षम अधिकारी उनकी सुध लेने आया है उन्होंने कहा कि पिछले 11 महीना से बेरोजगारी का दंश झेल रहे लोग अब आर पार की लड़ाई लड़ने का मन बना चुके हैं । पटरी व्यापारी गोविंद प्रसाद नौटियाल ने कहा कि उनके द्वारा सभी प्रयास किए जा चुके हैं और 13 मई को न्यायालय द्वारा फैसला सुनाया जाना है यदि फैसला उनके पक्ष में नहीं आता है तो उनके पास भगवान के दरवाजे पर जाने के अलावा कोई चारा नहीं बचता है उन्होंने कहा कि सभी पटरी व्यापारी न्याय के देवता महासू महाराज के मंदिर जाएंगे और न्याय की गुहार लगाएंगे