हरिद्वार : सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद तेजस्वी सूर्या ने हरिद्वार की प्रसिद्ध हरकी पैड़ी पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और पवित्र गंगाजल भरकर अपनी कांवड़ यात्रा की शुरुआत की।
तेजस्वी सूर्या अपने सैकड़ों समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ हरिद्वार से ऋषिकेश स्थित स्वर्गाश्रम के शिव गंगा घाट तक पैदल पदयात्रा करेंगे। यात्रा पूरी करने के बाद वे शिव गंगा घाट पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का गंगाजल से जलाभिषेक करेंगे।
पूजा-अर्चना के बाद शुरू की यात्रा
कांवड़ यात्रा की शुरुआत से पहले तेजस्वी सूर्या ने हरकी पैड़ी पहुंचकर मां गंगा की पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने गंगाजल भरा और कांवड़ लेकर पैदल यात्रा के लिए रवाना हुए। इस दौरान उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
सावन के महीने में हरिद्वार में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगाजल लेने पहुंच रहे हैं। कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं।
कई वर्षों से कांवड़ यात्रा में शामिल होने की इच्छा थी
मीडिया से बातचीत में तेजस्वी सूर्या ने कहा कि वह दक्षिण भारत के कर्नाटक से आते हैं। पिछले तीन-चार वर्षों से वे सावन के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं को कांवड़ यात्रा करते हुए देखते आ रहे थे। उनके मन में भी इस पवित्र यात्रा में शामिल होने की इच्छा थी।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से उन्हें कांवड़ यात्रा में शामिल होने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने इसे अपने लिए श्रद्धा और आस्था का विशेष अवसर बताया।
कांवड़ यात्रा विश्व का सबसे बड़ा युवा संगम
तेजस्वी सूर्या ने कांवड़ यात्रा को विश्व का सबसे बड़ा युवा संगम बताया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा किसी आयोजक या शुल्क के आधार पर नहीं चलती बल्कि करोड़ों श्रद्धालु अपनी आस्था और भक्ति के बल पर इसमें शामिल होते हैं।
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा में जाति ऊंच-नीच आर्थिक स्थिति और राजनीतिक भेदभाव जैसी सीमाएं पीछे छूट जाती हैं। करोड़ों युवा और श्रद्धालु एक साथ भगवान शिव की भक्ति में शामिल होते हैं।
अनुशासन अपनाने की अपील
तेजस्वी सूर्या ने युवाओं से कांवड़ यात्रा के दौरान अपनाए जाने वाले संयम अनुशासन और शारीरिक फिटनेस को केवल सावन के महीने तक सीमित नहीं रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि भारतीय युवा एक हाथ में देश की समृद्ध विरासत और दूसरे हाथ में इनोवेशन व उज्ज्वल भविष्य लेकर विकसित भारत के निर्माण के लिए समर्पित है। युवाओं को अपनी परंपराओं से जुड़े रहने के साथ-साथ देश के भविष्य के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु जिस तरह अनुशासन संयम और शारीरिक क्षमता का परिचय देते हैं उसी भावना को पूरे वर्ष अपने जीवन में बनाए रखना चाहिए।
हरिद्वार से ऋषिकेश तक पैदल यात्रा
तेजस्वी सूर्या की कांवड़ यात्रा हरिद्वार से शुरू होकर ऋषिकेश स्थित स्वर्गाश्रम के शिव गंगा घाट तक जाएगी। वहां पहुंचने के बाद वे भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे।
सावन के महीने में हरिद्वार और ऋषिकेश क्षेत्र में कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में तेजस्वी सूर्या की कांवड़ यात्रा भी श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।