कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सर्वभारतीय साधारण सचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट स्थित मुख्य कार्यालय को लेकर विवाद गहरा गया है। पश्चिम बंगाल अग्निशमन और आपातकालीन सेवा विभाग ने 9, अबानिंद्रनाथ टैगोर सरणी (कैमक स्ट्रीट) स्थित इमारत के बेसमेंट, छठी और सातवीं मंजिल को तत्काल प्रभाव से खाली करने का अंतिम नोटिस जारी किया है। विभाग के अनुसार, भवन की 'फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट' की समय सीमा काफी पहले समाप्त हो चुकी है और गंभीर सुरक्षा खामियों के बावजूद इसका इस्तेमाल किया जा रहा था। अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी कमियों को ठीक करके नया वैध फायर सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं कर लिया जाता, तब तक इन हिस्सों में किसी भी तरह के कामकाज की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस आदेश की प्रतियां कोलकाता नगर निगम (KMC), शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन और सीईएससी (CESC) को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं।
फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की मियाद खत्म, नहीं कराया गया नवीनीकरण
सरकारी आदेश के मुताबिक, इमारत के 2B+G+7 मंजिला कमर्शियल परिसर के लिए जारी 'रिन्यूअल ऑफ फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट' (RFSC) की वैधता 10 अगस्त 2023 को ही समाप्त हो चुकी थी। नियमों के तहत इसे समय सीमा खत्म होने से पहले नवीनीकृत कराया जाना अनिवार्य था, लेकिन भवन मालिक या कब्जाधारक ऐसा करने में असमर्थ रहे। अग्निशमन विभाग का कहना है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और उपकरणों का सही रखरखाव न होना भवन में रहने वालों की जीवन सुरक्षा के लिए एक बड़ा और सीधा खतरा प्रस्तुत करता है।

संयुक्त निरीक्षण में उजागर हुईं सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर खामियां
बीते सोमवार को शेक्सपियर सरणी थाने की पुलिस और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने कैमक स्ट्रीट स्थित इस बहुमंजिला इमारत का औचक फायर ऑडिट किया था। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि इमारत का ऑटोमैटिक फायर अलार्म सिस्टम पूरी तरह से ठप था और वहां जरूरी स्मोक डिटेक्टर या हिट डिटेक्टर भी नहीं लगाए गए थे। इसके अलावा ऊपरी मंजिलों पर आग बुझाने के लिए पानी की अपर्याप्त व्यवस्था और आपातकालीन निकासी (फायर एग्जिट) के सही इंतजाम न होने जैसी कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं।
इमारत के नक्शे और अवैध निर्माण की भी हुई बारीकी से जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कोलकाता नगर निगम (KMC) में जमा कराए गए मूल बिल्डिंग प्लान और मौजूदा ढांचे का मिलान भी किया। जांच टीम ने यह भी खंगाला कि क्या परिसर में कोई अवैध या अनधिकृत ढांचा जोड़ा गया है। अधिकारियों ने भवन के बाहर लगे एक शेड पर आपत्ति जताई और फिर बेसमेंट व अंडरग्राउंड पार्किंग क्षेत्र के अग्निशमन ढांचे की समीक्षा की। अग्निशमन विभाग ने नोट किया कि इससे पहले इस बहुमंजिला इमारत में केवल एक ही बार फायर ऑडिट कराया गया था।
सुनवाई में शामिल हुए प्रतिनिधि, पर संतुष्ट नहीं हुआ विभाग
अग्निशमन विभाग द्वारा भेजे गए पहले के कारण बताओ नोटिस के आधार पर 6ठी और 7वीं मंजिल के कब्जाधारकों के प्रतिनिधियों ने अपना पक्ष रखते हुए लीज डीड की कॉपी प्रस्तुत की थी। हालांकि, प्रस्तुत दस्तावेजों और बयानों से यह स्पष्ट हुआ कि आवश्यक अग्निशमन उपकरण स्थापित करने और नया 'फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट' हासिल करने की पूरी जिम्मेदारी कानूनी रूप से मालिक और परिसर का उपयोग करने वालों पर ही बनती है। विभाग ने माना कि जीवन और संपत्ति की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता, जिसके कारण यह सख्त आदेश जारी किया गया।