कोलकाता: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के बढ़ते उपयोग से लेकर कोलकाता की जलभराव समस्या, फुटपाथ अतिक्रमण और नगर सेवाओं में सुधार तक कई मुद्दों पर पश्चिम बंगाल की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का सही इस्तेमाल आम लोगों तक बेहतर और तेज नागरिक सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
नगर विकास के काम में एआई के इस्तेमाल पर जोर
अग्निमित्रा पाल ने कहा कि वर्तमान समय एआई का दौर है और शहरी विकास विभाग को भी इस तकनीक का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने क्रेडाई की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि विभाग के अधिकारी इस बात पर विचार करेंगे कि एआई को नगर एवं शहरी विकास से जुड़े अलग-अलग कार्यों में किस तरह प्रभावी रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है।
मंत्री के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य तकनीक का उपयोग कर आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए एआई आधारित व्यवस्था भविष्य में प्रशासनिक कामकाज को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में मदद कर सकती है।
नगरपालिका के राजस्व की निगरानी में भी एआई की मदद
अग्निमित्रा पाल ने कहा कि नगरपालिकाओं के कई कार्यों में एआई उपयोगी साबित हो सकता है। नगर कर के अलावा कम्युनिटी हॉल, बस स्टॉप और अन्य स्रोतों से मिलने वाले राजस्व की सही जानकारी जुटाने और उसका विश्लेषण करने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि एआई की मदद से यह पता लगाने में आसानी होगी कि विभिन्न नगर सेवाओं और संपत्तियों से तय राशि के अनुसार राजस्व मिल रहा है या नहीं। इससे वित्तीय व्यवस्था की निगरानी और बेहतर ढंग से की जा सकेगी।
कोलकाता की जलभराव समस्या से निपटने में भी हो सकता है एआई का इस्तेमाल
कोलकाता में बारिश के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि एआई इस क्षेत्र में भी प्रभावी भूमिका निभा सकता है। यदि पहले से बारिश का सटीक अनुमान मिल जाए और संभावित जलभराव वाले इलाकों की पहचान हो सके, तो प्रशासन को समय रहते सतर्क किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था से संबंधित विभाग पहले ही जरूरी तैयारियां कर सकेंगे। इससे बारिश के बाद जलभराव की स्थिति से निपटने में प्रशासन को अधिक तेजी और बेहतर योजना के साथ काम करने में मदद मिल सकती है।
फुटपाथ पर दूध गर्म करने की घटना पर भी बोलीं अग्निमित्रा
फुटपाथ पर दूध गर्म करने की घटना को लेकर अग्निमित्रा पाल ने कहा कि संभव है कि संबंधित महिला को पूरी स्थिति और नियमों के बारे में और बेहतर तरीके से समझाया जाना चाहिए था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि फुटपाथ पर आग जलाकर खाना बनाना, अतिक्रमण करना और वहां वाहनों की पार्किंग जैसी समस्याएं लगातार सामने आती रही हैं।
मंत्री ने आरोप लगाया कि जब प्रशासन इन समस्याओं को दूर करने के लिए कदम उठा रहा है, तब कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त रखना और आम लोगों की आवाजाही सुनिश्चित करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।
पुरानी सरकारों पर उठाए सवाल
अग्निमित्रा पाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि इतने वर्षों तक सत्ता में रहने वाली सरकारों ने फुटपाथ अतिक्रमण और इस तरह की अन्य समस्याओं को खत्म करने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए। उनका कहना है कि अब जब मौजूदा सरकार इन मुद्दों पर कार्रवाई कर रही है, तब इसे लेकर राजनीतिक बहस शुरू की जा रही है।
बेहतर नगर सेवाओं के लिए बढ़ सकती है वार्डों की संख्या
मंत्री ने नगर सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए वार्डों के पुनर्गठन और जरूरत के अनुसार उनकी संख्या बढ़ाने की योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वार्डों की संख्या और सीमाओं में आवश्यक बदलाव होने से स्थानीय स्तर पर कामकाज को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा।
उनके अनुसार, इससे सफाई कर्मचारियों और अन्य नगरकर्मियों को अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलेगी। साथ ही आम लोगों तक नागरिक सुविधाएं और प्रशासनिक सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकेंगी।
हर घर तक जलापूर्ति सुनिश्चित करने पर सरकार का फोकस
अग्निमित्रा पाल ने कहा कि सरकार हर घर तक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में भी काम कर रही है। नगर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार को प्राथमिकता दी जा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री के बयान पर भी उठाए सवाल
फुटपाथ पर दूध गर्म करने की घटना से जुड़े परिवार की मदद करने या उसे ‘अडॉप्ट’ करने संबंधी पूर्व मुख्यमंत्री के बयान पर भी अग्निमित्रा पाल ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि परिवार की मदद करना जरूरी था, तो पहले इस दिशा में कदम क्यों नहीं उठाया गया।
मंत्री का कहना है कि वर्तमान सरकार की ओर से कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद ही अब इस तरह के बयान सामने आ रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि सरकार का उद्देश्य नगर व्यवस्था को बेहतर बनाना और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।