कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने अन्नपूर्णा योजना के क्रियान्वयन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि योजना के पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में 17 अगस्त 2026 से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से राशि भेजनी शुरू की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से लाभार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
अब हर महीने तय तारीख पर आएगी सहायता राशि
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अन्नपूर्णा योजना के भुगतान के लिए एक निश्चित मासिक कैलेंडर तैयार किया गया है। इसके तहत हर महीने निर्धारित तारीख पर लाभार्थियों के खातों में राशि भेजी जाएगी। सरकार का मानना है कि तय समय पर भुगतान होने से लाभार्थियों को बार-बार जानकारी लेने या इंतजार करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
सत्यापन पूरा होने पर मिलेगा योजना का लाभ
सरकार के अनुसार जिन आवेदनों का सत्यापन पूरा हो चुका है, उन्हें पहले चरण में भुगतान किया जाएगा। जिन लाभार्थियों के दस्तावेजों की जांच अभी जारी है, उनका सत्यापन पूरा होते ही उन्हें भी योजना के दायरे में शामिल कर राशि जारी की जाएगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र लोगों तक बिना किसी अनावश्यक देरी के लाभ पहुंचाया जाए।
पारदर्शी व्यवस्था पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे। इसी उद्देश्य से आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेजों के सत्यापन और DBT प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे।
महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा को मिलेगा बल
सरकार का मानना है कि अन्नपूर्णा योजना के जरिए मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं को घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी। साथ ही, यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देने और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।