कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा के मौजूदा सत्र में राजनीतिक सरगर्मियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस बार सदन के भीतर मीडिया संस्थानों में होने वाले भारी-भरकम निवेश और उनके आर्थिक स्रोतों (फंडिंग सोर्स) को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने कुछ मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में लगे पैसों की प्रामाणिकता पर गहरे संदेह व्यक्त किए हैं। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि किसी चैनल या एजेंसी के बंद होने की स्थिति में वहां काम करने वाले निर्दोष मीडियाकर्मियों के भविष्य और नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
"कोयला, बालू या चिटफंड का पैसा था या नहीं, यह एजेंसियां तय करें"
सदन को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने अतीत में बंद हुए एक प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थान का हवाला दिया। उन्होंने कहा, "उस संस्थान में कोयला तस्करी, मवेशी तस्करी, बालू या चिटफंड का पैसा लगा था या नहीं, यह तय करना सरकारी जांच एजेंसियों का काम है। लेकिन मेरा मुख्य सरोकार वहां के उन निर्दोष कर्मचारियों से है, जिन्होंने रातोंरात अपनी नौकरियां खो दीं। उनका क्या कसूर था?"
ऋतब्रत बनर्जी ने वाममोर्चा शासनकाल के अंतिम दिनों में प्रसारित हुए एक बेहद लोकप्रिय रियलिटी शो और साल 2019 से संचालित हो रहे एक डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म की फंडिंग पर भी उंगली उठाई। उन्होंने वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि एक मीडिया एजेंसी के कर्मचारियों ने उनके सामने आशंका जताई है कि अगर इस निवेश के पीछे का सच सामने आया और संस्थान बंद हुआ, तो उनका क्या होगा।
कुणाल घोष का पलटवार: "सीबीआई-ईडी दे चुकी है क्लीन चिट"
ऋतब्रत बनर्जी के इन परोक्ष हमलों पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कालीघाट खेमे ने तुरंत और तीखी प्रतिक्रिया दी है। टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने विधानसभा के प्रेस कॉर्नर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "जिस रियलिटी शो का जिक्र किया जा रहा है, वह अपने समय का सबसे बेहतरीन शो था। उसमें किसी भी प्रकार का कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ था और इस बात की पुष्टि खुद सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) जैसी केंद्रीय एजेंसियां अपनी जांच में कर चुकी हैं। वह पैसा मेरा निजी पैसा नहीं था, ऐसे कई गेम शो टीवी पर चलते हैं।"
इशारों-इशारों में सियासी जंग हुई तेज
विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों ही तरफ से बयानों के तीर छोड़े जा रहे हैं। विद्रोही टीएमसी विधायकों का मानना है कि ऋतब्रत के निशाने पर सीधे तौर पर कालीघाट खेमे के कुछ खास चेहरे हैं।इस पर पलटवार करते हुए कुणाल घोष ने नेता प्रतिपक्ष को चुनौती देते हुए कहा, "वह इशारों-इशारों में क्या कहना चाहते हैं? मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। वह जो चाहें बोलने के लिए स्वतंत्र हैं। लेकिन उनके साथ पाला बदलकर जो लोग गए हैं, उनके खिलाफ स्थानीय जनता की जो भी शिकायतें हैं, उन फाइलों को मैं बहुत जल्द मुख्यमंत्री के सामने पेश करने जा रहा हूं।"