कूचबिहार : पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने और उपद्रवियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में कूचबिहार जिले के दिनहाटा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पुलिस ने इलाके में दहशत फैलाने और अवैध हथियार लेकर घूमने के आरोप में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 1 युवा नेता को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से एक अवैध हथियार और दो राउंड जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इस गिरफ्तारी के बाद से उत्तर बड़ाशाकदल इलाके में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
सीक्रेट इनपुट पर पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिनहाटा के उत्तर बड़ाशाकदल इलाके में एक व्यक्ति के हथियार के साथ घूमने की पुख्ता सूचना मिली थी। इस गुप्त इनपुट के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने कल देर रात इलाके में छापेमारी की। नाकेबंदी के दौरान संदिग्ध को रोककर जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके पास से एक देसी कट्टा (आग्नेयास्त्र) और दो राउंड गोलियां बरामद हुईं।
रसूखदार पद पर है आरोपी जयंत बर्मन
पकड़े गए आरोपी की पहचान 34 वर्षीय जयंत बर्मन के रूप में हुई है, जो उत्तर बड़ाशाकदल का ही निवासी है। हैरान करने वाली बात यह है कि जयंत बर्मन बड़ाशाकदल अंचल तृणमूल युवा कांग्रेस का अध्यक्ष है। सत्तारूढ़ दल के एक रसूखदार युवा नेता के पास से इस तरह अवैध हथियार मिलने के बाद पुलिस महकमे के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी खलबली मच गई है।
आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, पूछताछ जारी
पुलिस ने बरामद हथियार और कारतूस को जब्त कर लिया है। आरोपी नेता जयंत बर्मन के खिलाफ आर्म्स एक्ट (हथियार कानून) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि जयंत बर्मन इतनी रात को हथियार लेकर किस इरादे से घूम रहा था? क्या वह इलाके में कोई बड़ी हिंसक वारदात या दहशत फैलाने की साजिश रच रहा था? इसके अलावा पुलिस इस बात की भी कड़ियां जोड़ रही है कि उसे यह अवैध हथियार किसने सप्लाई किया था।
'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत पुलिस की सख्त कार्रवाई
गौरतलब है कि राज्य में प्रशासनिक फेरबदल और अपराध मुक्त माहौल बनाने के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन पूरी तरह 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रहा है। हाल के दिनों में भ्रष्टाचार, रंगदारी, वसूली और मारपीट के मामलों में संलिप्त कई टीएमसी कार्यकर्ताओं और नेताओं को जेल की हवा खानी पड़ी है। इसी कड़ी में हुई इस ताजा गिरफ्तारी ने साफ कर दिया है कि अपराध में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका राजनीतिक रसूख कितना भी बड़ा क्यों न हो।