आसनसोल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आने के बाद से ही कानून के शिकंजे से भाग रहे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेताओं पर पुलिस का चाबुक चल गया है। आसनसोल पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बाराबनी पंचायत समिति के अध्यक्ष असित सिंह, उनके भाई विश्वजीत सिंह और क्षेत्र के रसूखदार टीएमसी नेता अकबर आलम को दबोच लिया है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद (4 मई) से ही ये तीनों नेता लगातार अंडरग्राउंड चल रहे थे।
नाकेबंदी कर ढाबे के पास से दबोचे गए सिंह बंधु
मिली जानकारी के अनुसार, आसनसोल पुलिस को गुरुवार रात गुप्त सूचना मिली थी कि टीएमसी के ब्लॉक प्रमुख असित सिंह अपने भाई और ग्राम पंचायत के उप-प्रधान विश्वजीत सिंह के साथ कुल्टी थाना क्षेत्र में मौजूद हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डुबूडीह इलाके में एक ढाबे के पास नाकेबंदी की और दोनों भाइयों को हिरासत में ले लिया।
झारखंड में छिपे बाहुबली अकबर आलम का भी हुआ 'द गेम ओवर'
इसी मामले से जुड़े एक और बड़े घटनाक्रम में, बाराबनी इलाके के रसूखदार और बाहुबली टीएमसी नेता अकबर आलम को पड़ोसी राज्य झारखंड से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस टीमों ने इनपुट्स के आधार पर जमशेदपुर के आजादनगर थाना क्षेत्र में छापेमारी की। बताया जा रहा है कि अकबर आलम वहां अपनी बेटी के ससुराल में पनाह लिए हुए था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के आगे उसकी चालाकी धरी की धरी रह गई।
जानिए आखिर क्यों हुई यह गिरफ्तारियां?
इन सभी नेताओं पर साल 2021 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद इलाके में भड़की भीषण हिंसा (केस संख्या 98/28) में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं। 4 मई को चुनावी नतीजे आने के बाद से ही पुलिस पर इन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने का भारी दबाव था। सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशीलता को देखते हुए फिलहाल तीनों को हीरापुर थाने में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है।
14 दिनों की रिमांड पर लेगी पुलिस
आसनसोल पुलिस शुक्रवार को इन तीनों आरोपियों को जिला अदालत में पेश करने जा रही है। मामले की तह तक जाने और हिंसा से जुड़े अन्य सुराग तलाशने के लिए जांच अधिकारी अदालत से आरोपियों की 14 दिनों की पुलिस रिमांड की मांग करेंगे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस मामले में कुछ और स्थानीय नेताओं के नाम भी शामिल हैं, जिनकी धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।