कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्यभर में स्वच्छता और नागरिक अनुशासन को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर पेशाब, खुले में शौच, थूकने, कचरा फैलाने और प्रतिबंधित प्लास्टिक बैग के इस्तेमाल पर सख्ती करने का फैसला किया है। इस अभियान की शुरुआत 1 जुलाई 2026 से दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, कर्सियांग और मिरिक से होगी, जबकि 1 सितंबर से यह नियम पूरे पश्चिम बंगाल के सभी शहरी निकायों में लागू हो जाएंगे।
राज्य के शहरी विकास एवं नगर प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य शहरों को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल बनाना है। पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण दार्जिलिंग क्षेत्र को इस अभियान के पहले चरण के लिए चुना गया है।
किन गतिविधियों पर रहेगा प्रतिबंध?
सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर खुले में शौच या पेशाब करना, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फेंकना, प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग रखना तथा अस्पतालों, बाजारों, शैक्षणिक संस्थानों और धार्मिक स्थलों सहित किसी भी सार्वजनिक जगह पर थूकना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है।
कितना लगेगा जुर्माना?
नए नियमों के तहत खुले में शौच या पेशाब करने पर ₹200 का जुर्माना लगेगा। कचरा फैलाने, अवैध रूप से कूड़ा फेंकने और प्रतिबंधित प्लास्टिक बैग रखने पर भी ₹200 का दंड निर्धारित किया गया है। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर ₹100 का जुर्माना देना होगा।
केवल डिजिटल माध्यम से होगी वसूली
सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार का जुर्माना नकद नहीं लिया जाएगा। सभी भुगतान केवल डिजिटल या ऑनलाइन माध्यम से अधिकृत अधिकारियों द्वारा वसूले जाएंगे और सरकारी खाते में जमा किए जाएंगे।
स्वच्छ बंगाल बनाने की अपील
राज्य सरकार ने नागरिकों से निर्धारित शौचालयों और कचरा संग्रहण केंद्रों का उपयोग करने की अपील की है। सरकार का कहना है कि स्वच्छ शहर और स्वस्थ समाज के निर्माण में जनता की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।