डुआर्स: डुआर्स के जंगल क्षेत्र से सटे रेलवे ट्रैक पर एक बार फिर रेलकर्मियों की सतर्कता और मानवता की मिसाल देखने को मिली। एक के बाद एक हाथियों की जान बचाने के बाद अब ट्रेन चालक और उनके सहायक ने हिरणों के एक झुंड को सुरक्षित बचाकर संभावित हादसे को टाल दिया।
समय रहते लिया गया बड़ा फैसला
रेलवे सूत्रों के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 8:40 बजे 15467 अप सिलीगुड़ी–बामनहाट इंटरसिटी ट्रेन चालसा और नागराकाटा स्टेशनों के बीच 67/6-8 किलोमीटर क्षेत्र से गुजर रही थी। इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद लोको पायलट अवधेश कुमार और सहायक लोको पायलट मनोहर कुमार की नजर रेलवे लाइन पार करने की कोशिश कर रहे हिरणों के झुंड पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए दोनों रेलकर्मियों ने तत्काल ट्रेन की गति कम कर दी और पूरी सावधानी बरती।
सुरक्षित पार हुआ हिरणों का झुंड
ट्रेन की रफ्तार नियंत्रित किए जाने के कारण हिरणों का पूरा झुंड सुरक्षित रूप से रेलवे ट्रैक पार करने में सफल रहा। रेलकर्मियों की तत्परता से न केवल बेजुबान वन्यजीवों की जान बची, बल्कि एक संभावित दुर्घटना भी टल गई।
रेलकर्मियों की हो रही सराहना
घटना के बाद स्थानीय लोगों और रेलवे अधिकारियों के बीच लोको पायलट और सहायक लोको पायलट की संवेदनशीलता की खूब प्रशंसा हो रही है। डुआर्स के वन क्षेत्रों से होकर गुजरने वाले इस रेल मार्ग पर अक्सर हाथी, हिरण और अन्य जंगली जानवरों की आवाजाही देखी जाती है।
वन्यजीव संरक्षण के प्रति जिम्मेदार भारतीय रेल
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि भारतीय रेल केवल यात्रियों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण और उनकी सुरक्षा को लेकर भी गंभीर और जिम्मेदार भूमिका निभा रही है। रेलकर्मियों की सतर्कता ने मानवता और पर्यावरण संरक्षण का एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है।