कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य की नई सरकार दुर्गापूजा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इस वर्ष दुर्गापूजा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोलकाता आने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पूजा उत्सव में शामिल हो सकते हैं। चर्चा है कि प्रधानमंत्री किसी प्रमुख पूजा पंडाल में दर्शन और अंजलि भी दे सकते हैं।
विश्वस्तरीय सांस्कृतिक आयोजन बनाने की तैयारी
राज्य सरकार और भाजपा नेतृत्व की रणनीति दुर्गापूजा को केवल बंगाल के पारंपरिक धार्मिक उत्सव तक सीमित न रखकर उसे विश्वस्तरीय सांस्कृतिक आयोजन के रूप में स्थापित करने की है। यूनेस्को द्वारा दुर्गापूजा को ‘इंटैंजिबल कल्चरल हेरिटेज ऑफ ह्यूमैनिटी’ का दर्जा मिलने के बाद इस दिशा में प्रयास और तेज हो गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच मिलेगा और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
108 शहरों में पहुंचेगी कोलकाता की दुर्गापूजा
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस बार देश के 108 प्रमुख शहरों में दुर्गापूजा के भव्य आयोजन का सीधा प्रसारण किया जाएगा। षष्ठी और सप्तमी के दौरान कोलकाता की प्रमुख पूजा समितियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को विशाल स्क्रीन के माध्यम से देशभर के लोगों तक पहुंचाया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से राज्य में पर्यटन, निवेश और सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर बंगाल की संस्कृति
सूत्रों के अनुसार, दुर्गापूजा को वैश्विक स्तर पर प्रचारित करने के लिए विदेशी राजनयिकों, सांस्कृतिक प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को आमंत्रित करने की तैयारी चल रही है। इस अभियान में ‘ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी’ की भी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है, जो अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा समेत कई देशों में सक्रिय है। सरकार का उद्देश्य बंगाल की सांस्कृतिक धरोहर को दुनिया भर के लोगों से जोड़ना और सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूत करना है।
परंपरा में बदलाव नहीं, प्रचार पर रहेगा जोर
भाजपा नेताओं का कहना है कि दुर्गापूजा की धार्मिक परंपराओं और स्वरूप में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा। प्रयास केवल इतना है कि बंगाल की इस सांस्कृतिक धरोहर को दुनिया के सामने और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाए। उत्तर कोलकाता के संतोष मित्रा स्क्वायर पूजा समिति से जुड़े भाजपा विधायक सजल घोष ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री इस उत्सव में शामिल होते हैं तो यह पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय होगा। उनके अनुसार, यह केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व का अवसर होगा।
इस वर्ष नहीं होगा दुर्गापूजा कार्निवल
सरकारी सूत्रों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा शुरू किया गया दुर्गापूजा कार्निवल इस वर्ष आयोजित नहीं किया जाएगा। सरकार का फोकस अब दुर्गापूजा को एक वैश्विक सांस्कृतिक ब्रांड के रूप में विकसित करने पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सफल होती है, तो आने वाले वर्षों में कोलकाता की दुर्गापूजा विश्व पर्यटन, सांस्कृतिक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के प्रमुख केंद्रों में शामिल हो सकती है।
प्रमुख बातें
* दुर्गापूजा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोलकाता आने की संभावना
* केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी उत्सव में हो सकते हैं शामिल
* देश के 108 शहरों में होगा दुर्गापूजा का लाइव प्रसारण
* यूनेस्को मान्यता के बाद वैश्विक ब्रांडिंग पर विशेष जोर
* विदेशी राजनयिकों और अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को जोड़ने की तैयारी
* इस वर्ष दुर्गापूजा कार्निवल आयोजित नहीं किया जाएगा
* पर्यटन, निवेश और सांस्कृतिक कूटनीति को बढ़ावा देने पर सरकार का फोकस
* बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर पहुंचाने की पहल