कोलकाता/मालदा: पश्चिम बंगाल के न्यू फराक्का जंक्शन स्टेशन के पास भारी बारिश के चलते रेलवे ट्रैक के नीचे की मिट्टी धंस जाने से उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के बीच रेल सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। गुरुवार रात से ही सिलीगुड़ी-एनजेपी से सियालदह और हावड़ा की ओर जाने वाली कई ट्रेनें रद्द या बाधित हो गई हैं, जिससे सैकड़ों यात्री और पर्यटक फंसे हुए हैं। इस संकट की स्थिति में शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि सिलीगुड़ी और आसपास के इलाकों में फंसे पर्यटकों के ठहरने के लिए सरकारी आवास, होटल और कमर्शियल लॉज में मुफ्त व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही फंसे यात्रियों के परिवहन के लिए राज्य सरकार ने अतिरिक्त बसों का परिचालन शुरू कर दिया है।
सीएम ने मुख्य सचिव को दिए निर्देश, यात्रियों को बांटे जा रहे भोजन और पानी
शुक्रवार को पर्यटन विभाग के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि उन्होंने मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल को फंसे हुए पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से विभिन्न स्टेशनों पर अटकी ट्रेनों के यात्रियों के बीच भोजन के पैकेट और पीने का पानी वितरित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि सरकारी आवास कम पड़ते हैं, तो पर्यटकों के लिए निजी होटल या लॉज किराए पर लेकर उनके रहने का सारा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
न्यू फराक्का स्टेशन के पास बड़ा हादसा टला, युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य जारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गुरुवार रात न्यू फराक्का स्टेशन के पास अप-रेलवे लाइन के नीचे से मिट्टी अचानक बह गई। इस धंसान के कारण ट्रैक हवा में लटक गया, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। घटना के तुरंत बाद रेलवे के इंजीनियरों और कर्मचारियों ने युद्धस्तर पर मरम्मत का काम शुरू कर दिया। लगभग 30 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी मरम्मत कार्य जारी है, ताकि ट्रैक को जल्द से जल्द सुरक्षित बनाया जा सके।
सांसद खगेन मुर्मू ने किया घटनास्थल का निरीक्षण, रात 12 बजे तक ट्रैक चालू होने का दावा
शुक्रवार दोपहर उत्तर मालदा से बीजेपी सांसद खगेन मुर्मू ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों व इंजीनियरों से बात की। स्थिति का जायजा लेने के बाद सांसद मुर्मू ने कहा, "अत्यधिक बारिश के कारण फराक्का स्टेशन के पास अप-लाइन पूरी तरह धंस गई थी। ईश्वर की कृपा और रेलवे अधिकारियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। रेलवे इंजीनियर तेजी से काम कर रहे हैं और अधिकारियों का आश्वासन है कि शुक्रवार रात 12 बजे तक मरम्मत कार्य पूरा कर रेल यातायात फिर से सामान्य कर दिया जाएगा।"