हुगली: पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के आरामबाग इलाके में मंगलवार सुबह एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बर्धमान-तारकेश्वर रूट पर यात्रियों से खचाखच भरी एक बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गहरी खाई (नयानजुली) में पलट गई। इस भीषण दुर्घटना में दो महिला यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कम से कम 30 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
यह हादसा आरामबाग के आदमबाँध इलाके में उस वक्त हुआ, जब बस बर्धमान से तारकेश्वर की ओर जा रही थी। बस में करीब 40 से 50 यात्री सवार थे।
कमानी टूटते ही पलटी बस, मची चीख-पुकार
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, आदमबाँध इलाके में पहुंचते ही चलती बस की कमानी (पाती) अचानक टूट गई। कमानी टूटते ही चालक ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया और देखते ही देखते बस पूरी तरह पलटते हुए खाई में जा गिरी। हादसा होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई।
दुर्घटना की आवाज और यात्रियों की चीखें सुनकर स्थानीय निवासी तुरंत मदद के लिए दौड़े। ग्रामीणों ने ही सबसे पहले तत्परता दिखाते हुए बचाव कार्य शुरू किया और बस के अंदर फंसे घायल यात्रियों को धीरे-धीरे सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए आरामबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शिवभक्त महिलाओं की मौत से पसरा मातम
इस हादसे में जान गंवाने वाली दोनों महिलाएं पूर्व बर्धमान जिले के धाड़ान इलाके की रहने वाली थीं। मृतकों की पहचान:
1. लक्ष्मी मुर्मू (65 वर्ष)
2. शर्मिला सोरेन (35 वर्ष)
बताया जा रहा है कि दोनों महिलाएं सावन/धार्मिक अनुष्ठान के तहत भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए तारकेश्वर धाम जा रही थीं, लेकिन मंजिल पर पहुंचने से पहले ही वे हादसे का शिकार हो गईं। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
देरी से पहुंची एम्बुलेंस, भड़के ग्रामीणों ने किया हंगामा
इस दुर्घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन को समय पर सूचना दिए जाने के बावजूद एम्बुलेंस बेहद देरी से मौके पर पहुंची, जिससे समय पर बचाव कार्य शुरू नहीं हो सका। इसके अलावा, ग्रामीणों ने जर्जर सड़क की स्थिति को भी हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि कई बार मरम्मत की मांग के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इस लापरवाही के विरोध में स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर उग्र प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस के आला अधिकारियों ने दखल दिया और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, घायलों में से कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है कि कमानी टूटने के पीछे क्या कारण थे।