कोलकाता: कोलकाता के जादवपुर विश्वविद्यालय में दीवार लेखन को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और छात्र संगठनों के बीच टकराव की स्थिति सामने आई है। अब बीजेपी समर्थक छात्र संगठन NSF यानी नेशनलिस्ट स्टूडेंट फ्रंट ने भी दीवार लेखन अभियान शुरू किया है।
शुक्रवार तड़के NSF ने चलाया अभियान
NSF की ओर से शुक्रवार तड़के विश्वविद्यालय परिसर में दीवार लेखन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। संगठन का कहना है कि जादवपुर की दीवारों पर जिस तरह के नारे लिखे जा रहे हैं, उसके जवाब में वह देश के समर्थन में अपने विचार दीवारों पर लिख रहा है।
‘देश के लिए लिखना जरूरी’
NSF का दावा है कि विश्वविद्यालय परिसर की कई दीवारों पर देश विरोधी नारे लिखे गए हैं। संगठन का कहना है कि ऐसे नारों के जवाब में देश के पक्ष में आवाज उठाना जरूरी है और इसी उद्देश्य से दीवार लेखन अभियान शुरू किया गया है।
SFI और वाम संगठनों पर निशाना
NSF छात्र नेता सोमशुभ्र ने SFI समेत अन्य वामपंथी छात्र संगठनों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में इन संगठनों की ओर से देश विरोधी बातें लिखी जा रही हैं, जिसका जवाब देना जरूरी है।
‘फ्री फिलिस्तीन’ पर NSF का सवाल
सोमशुभ्र ने कहा कि विश्वविद्यालय में ‘फ्री फिलिस्तीन’ जैसे नारे लिखे जाते हैं, लेकिन ‘फ्री POK’ जैसे नारे नहीं लिखे जाते। उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर NSF अब देश के समर्थन में दीवार लेखन कर रहा है।
विश्वविद्यालय की दीवारें बनीं राजनीतिक संदेशों का मंच
जादवपुर विश्वविद्यालय में दीवार लेखन लंबे समय से छात्र राजनीति और विचारधाराओं की अभिव्यक्ति का एक प्रमुख माध्यम रहा है। NSF के इस अभियान के बाद परिसर में दीवारों पर अलग-अलग राजनीतिक विचारों को लेकर नया विवाद खड़ा होने की संभावना है।